हजरतगंज स्थित डीआरएम ऑफिस में कार्यरत आईआरटीएस अफसर ने एक युवती को अंसल सिटी में सस्ते प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 22 लाख रुपये ऐंठ लिए।
रकम से सास समेत दो महिलाओं के नाम जमीन खरीदी। दो वर्ष तक टालमटोल पर युवती ने संबंधित योजना के कर्मचारियों से पूछताछ की। सच्चाई पता लगाने के बाद अफसर से रकम वापस मांगी।
इस पर उसने आठ लाख का फर्जी चेक थमाया और धमकी देने लगा। पीड़ित ने हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गुडंबा के सीमांतनगर में रहने वाली देवेंद्र सिंह की बेटी विजेता ने अशोक मार्ग स्थित डीआरएम ऑफिस में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जालसाजी से 22 लाख रुपये हड़पने व तगादा करने पर धमकाने के मामले में उसने मनोज की सास उर्मिला के साथ ही भाई व सीमा सिंह नामक महिला को भी आरोपी बनाया है।
विजेता का कहना है कि वर्ष 2010 में डीआरएम ऑफिस में आवागमन के दौरान मनोज से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया कि अंसल सिटी में कुछ जमीन रेलवे की आ रही है।
इसके चलते सस्ती कीमत पर प्लॉट दिला सकते हैं। झांसे में आई विजेता ने अक्तूबर 2010 में चार लाख और फरवरी 2011 में 18 लाख के चेक दे दिए। काफी समय बाद भी प्लॉट न मिलने पर विजेता ने तगादा शुरू किया।
इस पर मनोज टालमटोल करने लगा। तीन वर्ष गुजरने पर भी प्लॉट न मिलने पर विजेता ने अंसल ग्रुप को पत्र लिखकर जानकारी मांगी। पता चला कि उसके चार लाख के चेक से सीमा सिंह व 18 लाख के चेक से उमिला राय के नाम संपत्ति खरीदी गई है।
विजेता का आरोप है कि सच्चाई उजागर होने पर मनोज से उनके ऑफिस व विवेकानंद मार्ग स्थित आवास पर संपर्क किया। इस पर उसने आठ लाख का चेक थमाकर शेष रकम जल्द लौटाने की बात कही।
बैंक से चेक बैरंग लौटने पर विजेता ने उलाहना देने के साथ रकम का तगादा किया। इस पर मनोज व उसके परिवार के लोग धमकाने लगे। रकम डूबती देख विजेता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है।