इस मामले में 10 अगस्त 2020 को चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया था। वहीं एक जून से तीन जून 2021 के बीच मुख्य आरोपी सुरेन्द्र कालिया को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया था जिसमें उसने कई राज उगले। जिससे पुलिस के पड़ताल की दिशा ही बदल गई।
कालिया ने पुलिस अफसरों से कहा कि उसने यह सब कुछ अभय सिंह के कहने पर किया और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को फंसाया। अभय सिंह के जरिए मुख्तार की शह पर ही वह कोलकाता गया और फिर उसकी नाटकीय गिरफ्तारी हुई।