डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के मुताबिक स्पा सेंटर रायपुर के बिल्डर राकेश शर्मा का है। उसने सलमान को स्पा सेंटर का मैनेजर बनाया था। राकेश के कहने पर ही सलमान ने थाई युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। सलमान ने दो दिन की पूछताछ में बताया कि युवती 2019 से उनके संपर्क में थी। उनके स्पा सेंटर से पहले उसने लखनऊ के दूसरे स्पा सेंटरों में भी काम किया था। पुलिस ने स्पा सेंटर के मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
डेढ़ साल पहले खुला था स्पा सेंटर
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि स्पा सेंटर के दस्तावेज व सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। पुलिस को स्पा सेंटर का रजिस्टर भी मिला है। इससे पता चला कि करीब डेढ़ साल पहले विभूति खंड इलाके में यह स्पा सेंटर खोला गया था।
पुलिस सलमान के मोबाइल की डिटेल निकाल रही है। उसके मोबाइल से अहम सुराग मिले हैं। मोबाइल के व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म की पड़ताल चल रही है। सलमान की युवती से काफी चैटिंग भी हुई है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं थाई युवती के मोबाइल की भी डिटेल खंगाली जा रही है। इसमें कैंट एरिया के एक सीड्स कारोबारी से लंबी और लगातार बातचीत की डिटेल मिली है। युवती पिछले दो-ढाई साल से इस व्यापारी के संपर्क में थी। व्यापारी से भी पूछताछ की तैयारी है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वालों से भी होगी पूछताछ
डीसीपी पूर्वी के मुताबिक सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वालों से भी इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि इस मामले से संबंधित कोई भी दस्तावेज हो तो पुलिस को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द ही सौंप दी जाएगी।
2010 में पहली बार आई थी पियाथिडा
प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि थाई युवती की ट्रैवेल हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि वह 2010 में पहली बार लखनऊ आई थी। इसके बाद उसका आना-जाना लगा रहा। 2018 मध्य के बाद वह लखनऊ में ही रुक गई। बीच-बीच में वीजा समाप्त होने पर थाईलैंड चली जाती और फिर लौट आती थी।
स्पा सेंटर का मैनेजर सलमान तीन मई को थाई युवती की मौत के बाद से ही पुलिस को गुमराह कर रहा था। उसने पुलिस को बताया कि उसके परिचित राकेश शर्मा ने फोन कर युवती के बीमार होने की जानकारी दी थी और उसकी मदद करने के लिए कहा था। लेकिन रविवार देर रात पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हकीकत बयां कर दी।
वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी से जोड़ना गलत
थाई युवती की मौत के संबंध में राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने पुलिस कमिश्नर से जांच की मांग करते हुए उन्हें एक पत्र दिया था। इस बारे में राज्यसभा सांसद के निजी सहायक अनूप पांडेय ने सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि अफवाह फैलाने वालों में एक नाम रामदत्त तिवारी का था। लेकिन उनके कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भूल से तिवारी की जगह त्रिपाठी लिख गया है। कुछ लोग इसे वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी से जोड़ रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है।