न्यू हैदराबाद स्थित आली फाउंडेशन के ऑफिस में रविवार रात गुंडागर्दी करने वाले बसपा नेता आशीष शुक्ला की तरफ से पुलिस ने नजरें फेर ली हैं।
आशीष के खिलाफ तीन थानों में गंभीर धाराओं की एफआईआर दर्ज हैं। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
फाउंडेशन के ऑफिस में उपद्रव के 72 घंटे बाद पुलिस ने बसपा नेता के घर पर दबिश दी न फाउंडेशन की सदस्यों को प्रोटेक्शन। उधर, फाउंडेशन ने प्राइवेट सिक्योरिटी की मदद ली है।
बसपा नेता आशीष शुक्ला व उनके परिवार के सदस्यों ने रविवार रात बेटी को शरण देने वाली एनजीओ आली फाउंडेशन के ऑफिस में जमकर उपद्रव किया।
बसपा नेता के गुर्गे एनजीओ की दो वालंटियर्स को उठाकर एक मंदिर में ले गए और बंधक बनाकर पीटा। बेटी का पता न बताने पर रेप की धमकी दी गई।
सूचना पाकर पहुंचे पुलिस अफसरों ने वालंटियर्स को मुक्त कराया था। सोमवार को बसपा नेता और उसके परिवारवालों ने कोर्ट परिसर में हंगामा किया।
इस मामले में बसपा नेता और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ महानगर, वजीरगंज और गाजीपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज हैं।
मंगलवार को फाउंडेशन की रेनू मिश्रा सहित महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली अन्य एक्टिविस्ट ने बसपा नेता से जान का खतरा बताते हुए उसे गिरफ्तार करने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी।
हालांकि, तीनों थानों की पुलिस ने अभी तक बसपा नेता को पकड़ने के लिए एक बार भी दबिश नहीं दी। बुधवार को ‘अमर उजाला’ की टीम बसपा नेता को ढूंढते हुए इंदिरानगर के सेक्टर 20 पहुंची।
लेकिन इलाके में किराये पर रहने वाले आशीष शुक्ला के बारे में बताने से लोग बचते रहे। मकान मालिक ने भी किसी प्रकार की जानकारी से इन्कार कर दिया।
हालांकि इतना जरूर पता चला कि पुलिस एक बार भी आरोपी की तलाश में नहीं पहुंची है। पहले ही बसपा नेता की धमकियों से सहमी आली फाउंडेशन की वालंटियर्स पुलिस के इस रवैऐ से और दहशत में हैं।
आली की रेनू मिश्रा ने बताया कि वालंटियर्स और ऑफिस की सिक्योरिटी के लिए प्राइवेट एजेंसी की मदद ली गई है। उधर, पुलिस का कहना है कि टीमें लगाई गई हैं। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।