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कड़ी पूछताछ के बाद भी नहीं सुलझी छात्रा की हत्या की गुत्थी, जंगल में मिला था शव

Tue, 20 Mar 2018 05:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जंगल में पेड़ से लटकता छात्रा का शव
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मड़ियांव इलाके से लापता कक्षा एक की छात्रा की हत्या कर शव स्कूल बेल्ट के फंदे से माल थाना क्षेत्र के जंगल में लटकाने के मामले में पुलिस ने नामजद दंपती व उनकी नाबालिग बेटी से गहन पूछताछ की।

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तीनों लोग खुद को बेकुसूर बताते रहे अपहरण व हत्या से इन्कार करते रहे लेकिन कॉल डिटेल को लेकर सवालों का जवाब नहीं दे सके। कोर्ट ने दंपती को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल व किशोर न्याय बोर्ड ने उनकी नाबालिग बेटी को नारी निकेतन भेजा है।

अपहरण के मुकदमे में हत्या व दलित उत्पीड़न की धारा बढ़ने पर सीओ ने तफ्तीश शुरू की है। उधर, परिवारीजनों ने देर रात पोस्टमॉर्टम के बाद छात्रा का शव सीतापुर में अपने मूलनिवास ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
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मड़ियांव क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह एमकेएस अकादमी से लौटते समय लापता हुई कक्षा एक की छात्रा लक्ष्मी की तलाश में लापरवाह बनी रही पुलिस रविवार दोपहर माल थाने के कोलवा जंगल में उसका शव मिलने पर हरकत में आई।

नामजद रिपोर्ट लिखने के बजाय गुमशुदगी दर्ज करके टरकाने का आरोप लगा रहे पिता दीपू को शांत कराने के साथ आननफानन में पड़ोसी बृजेश, उसकी पत्नी आशा व नाबालिग बेटी को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।

मासूम छात्रा के अपहरण के बाद हत्या कर शव लटाने का मामला तूल पकड़ते देख अफसरों ने नामजद तीनों लोगों पर कार्रवाई करके हत्या की गुत्थी सुलझाने के आदेश दिए।

बृजेश व आशा ने खुद को बेकुसूर बताने के साथ दीपू पर अपनी बेटी को गायब करने का आरोप लगाया। कहा कि बेटी के लापता होने पर उन्होंने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने संजीदगी से पड़ताल नहीं की।

इसके चलते वह दोबारा गायब हो गई। कहा कि दीपू से विवाद की लक्ष्मी को जानकारी थी। ऐसे में वह उनके साथ नहीं जा सकती थी और व्यस्त सड़क से अपहरण का आरोप गलत है। किसी ऐसे व्यक्ति ने लक्ष्मी की हत्या करके शव लटकाया है जिसके साथ वह आसानी से कहीं जा सकती थी।

पुलिस ने बृजेश के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाल कर बृहस्पतिवार को विभिन्न स्थानों पर उसके लोकेशन को लेकर सवाल किए। तर्क दिया कि कोलवा जंगल से चार किमी दूर गांव लोध खेड़ा में उसका मूलनिवास है और जंगल के रास्ते की उसे जानकारी थी।

तमाम प्रयास के बाद भी अपराध कुबूल न करने पर पुलिस ने कॉल डिटेल के साथ कुछ अन्य बिंदुओं को आधार बनाकर दंपती को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया।

वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग बेटी को नारी निकेतन भेजा गया है। तफ्तीश कर रहीं एएसपी/सीओ अलीगंज डॉ मीनाक्षी ने बताया कि तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई।

उन्होंने अपराध स्वीकार नहीं किया लेकिन मोबाइल फोन का लोकेशन बृजेश व उसके परिवारीजनों को ही संदेह के घेरे में खड़ा कर रहा है। संजीदगी से तफ्तीश करके पुख्ता सुबूतों की तलाश की जा रही है।

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अनसुलझे सवाल 

- स्कूल से लौट रही लक्ष्मी को कहां से और कैसे अगवा किया गया। 
- अपहरण में किस वाहन का इस्तेमाल हुआ और हत्या कहां पर की गई। 
- हत्या के बाद शव को किस तरह माल के कोलावा जंगल ले जाकर लटकाया गया। 
- अपहरण, हत्या व शव ठिकाने लगाने में कौन-कौन शामिल थे। 
- आरोपी दंपती की बेटी के अपहरण की क्या कहानी है, दीपू को नामजद कराने की असल वजह क्या थी। 
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जल्द सामने आएगा सच

तफ्तीश कर रहीं एएसपी/सीओ अलीगंज डॉ मीनाक्षी का कहना है कि बृजेश का लोकेशन कोलवा की तरफ पाया गया है। आसपास के लोगों ने भी उसके बारे में अहम जानकारी दी है। छात्रा के करीबी लोगों के मोबाइल का कॉल डिटेल मंगाया गया है। पुख्ता सुबूतों के साथ जल्द ही सच सामने लाया जाएगा। 
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