लखनऊ में लुटेरों का ऐसा गिरोह पकड़ा गया है जो पहले कॉल गर्ल्स की बुकिंग करता, फिर पुलिस बनकर इन्हें व ब्रोकर को लूट लेता। बदमाश एस्कॉर्ट सर्विस के जरिये बुकिंग करवाते थे। लूटपाट के बाद बदमाश पीड़ितों को हाइवे किनारे फेंक देते थे। गिरोह के दो बदमाश मंगलवार को चिनहट पुलिस के हत्थे चढ़े। इनसे दो जोड़ी बिहार पुलिस के बैच, वायरलेस सेट, हथकड़ी, दो तमंचे, कार बरामद हुई। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि 11 अक्तूबर को सुषमा हॉस्पिटल के पास से नीरज कुमार नाम के युवक का अपहरण हो गया था। अगवा करने वालों ने रिहा करने के बदले में उसके एटीएम कार्ड से एक लाख रुपये निकाले थे। नीरज ने चिनहट थाने में तहरीर दी थी, जिस पर केस दर्ज कर मामले जांच शुरू की गई।
अपहरण कांड का खुलासा हुआ तो एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर अपहरण और लूट करने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ। इसके दो बदमाश कमता से पकड़े गए। इनमें पटना के गौरीचक का अनिल कुमार सिंह और नेवादा के दोना का राहुल सिन्हा उर्फ राहुल आनंद हैं।
दिल्ली, बिहार पुलिस की वर्दी में करते थे लूट
एसएसपी ने बताया कि बदमाश बिहार और दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर एस्कॉर्ट सर्विस से बुक की गई कॉल गर्ल्स और उसके ब्रोकर को धमकाते थे। इसके बाद अपहरण कर असलहा दिखाकर इनसे रुपये छीन लेते। बदमाश इनके एटीएम से भी रुपये निकालकर मारपीट कर हाइवे किनारे फेंक जाते। एसएसपी के मुताबिक एस्कॉर्ट सर्विस अवैध रूप से संचालित होती है। ऐसे में ज्यादातर संचालक इसकी शिकायत नहीं करते। इसका फायदा यह गिरोह उठाता था।
पता पूछा और कर लिया था युवक को अगवा
पकड़े गए आरोपी
- फोटो : amar ujala
एएसपी नार्थ अनुराग वत्स के मुताबिक इंदिरानगर स्थित सुषमा अस्पताल के पास रहने वाले नीरज कुमार 11 अक्तूबर की रात आठ बजे जूस की दुकान पर खड़े थे। अचानक एक कार उनके पास आकर रुकी और पता पूछा। पता बताने के लिए नीरज बाइक खड़ी कर कार के पास पहुंचे तो उसमें बैठे लोगों ने उसे बैठा लिया और धमकी दी कि शोर किया तो गोली मार देंगे। नीरज को लेकर बदमाश कानपुर चले गए।
किदवई नगर के पास जबरन उसके एसबीआई के एटीएम से 29,700 और एक्सिस के कार्ड से 71,000 रुपये निकाल लिए। इसके बाद नीरज को उन्नाव में हरदोई रोड पर उतार दिया। इसी बीच उसका पर्स कार में गिर गया। उसमें पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और 10, हजार रुपये थे। नीरज के मुताबिक अगवा करने वाले बिहारी में बात करते थे। उसकी रिपोर्ट की जांच शुरू हुई तो धीरे-धीरे कड़ियां जुड़ने लगीं।
सर्विलांस सेल की लगातार निगरानी से दबोचे गए
इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय ने बताया कि आरोपियों का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया गया था। लगातार निगरानी चल रही थी। इसी बीच सोमवार को उनकी लोकेशन लखनऊ के कमता में मिली। यहां गिरोह नए शिकार की तलाश कर रहा था। पुलिस ने घरेाबंदी कर दो बदमाशों को दबोच लिया। पूछताछ शुरु हुई तो नीरज के अपहरण के साथ ही कई अन्य वारदात भी खुलने लगी। गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
धमकाने के लिए हथकड़ी और वायरलेस सेट रखते थे पास
- फोटो : amar ujala
एस्कार्ट सर्विस की लड़कियों और ब्रोकरों को अर्दब में लेने के लिए राहुल और अनिल बिहार और दिल्ली पुलिस की वर्दी पहने रहते थे। साथ ही बैच और बिल्ले का इस्तेमाल करते थे। किसी को शक न हो, इसके लिए दोनों असली पुलिस का वायरलेस सेट, हथकड़ी, सर्विस के बट वाला अवैध असलहा भी रखते थे। आरोपियों ने कुबूला किया कि इस हुलिया में देख ब्रोकर व लड़कियां उन्हें असली पुलिस समझती और लूट की शिकायत नहीं करती।
40 वारदात को दे चुके हैं अंजाम
पूछताछ में राहुल ने बताया कि इंटरनेट से देश भर में एस्कार्ट सर्विस संचालकों के मोबाइल नम्बर निकालते थे। इन पर कॉल कर ब्रोकरों को तय स्थान पर लड़कियां लेकर आने को कहते। जैसे ही ब्रोकर लड़कियां लेकर पहुंचता, वर्दी पहने बदमाश उन्हें पकड़कर धमकाते। इसके बाद पूछताछ करने का नाटक करते और उन्हें गाड़ियों में बैठाकर दूर तक ले जाते।
रास्ते में असलहा दिखाकर उनसे एटीएम से नकदी निकलवाकर पिटाई कर सड़क किनारे फेंककर चले जाते। आरोपियों ने कुबूला कि अब तक करीब एस्कार्ट सर्विस के 30 से 40 लोगों को शिकार बनाकर लाखों रुपये ऐंठ चुके हैं।
महंगे एस्कार्ट सर्विस के संचालकों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक आरोपी इंटरनेट से देश भर के महंगे एस्कार्ट सर्विस प्रोवाइडर के नम्बर खोजते थे। उन्हें फोन कर लड़कियों की तस्वीर मंगाते थे। इसके पीछे आरोपियों का मकसद केवल इतना था कि, जितनी मंहगी लड़की उनके पास आएंगी, उनकेखाते में भी उतनी ही रकम होगी।
लूट के पहले करते थे लड़कियों से मौज मस्ती
पुलिस के मुताबिक राहुल और अनिल कॉर्ल गर्ल को लूटने से मौज मस्ती करते थे। आरोपी लड़कियों को गिरफ्तार करने और गोली मारने की धमकी देते और उनसे शारीरिक संबंध भी बनाते थे।
जेल में हुई दोस्ती और शुरू किया गिरोह
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स के मुताबिक आरोपी अनिल सिंह उर्फ अमित ने पटना के चर्चित व्हाइट हाउस हत्याकांड में सुरेश महतो नाम के शख्स की आठवीं मंजिल से फेंककर हत्या की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पटना की बेऊर जेल में रखा। वहां उसकी मुलाकात राहुल सिन्हा से हुई, जो पहले से जेल में बंद था। राहुल पर बिहार पुलिस ने क्राइम कन्ट्रोल एक्ट के अन्तर्गत कार्रवाई की। बेऊर जेल में ही दोनों की दोस्ती हुई। 2015 में राहुल रिहा हुआ। इसी बीच अनिल को भी जमानत मिल गई। जेल से बाहर आते ही दोनों ने गिरोह बनाकर इस तरह की वारदात करने लगे।
छह राज्यों के एक दर्जन जिलों में की वारदात
एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक गिरोह ने उड़ीसा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ में वारदातों को अंजाम दिया। उत्तर प्रदेश में इसने लखनऊ, इलाहाबाद, रायबरेली, गोरखपुर, कुशीनगर में शिकार किए। ये बदमाश फैजाबाद में अगली वारदात की तैयारी में थे। अनिल सिंह के खिलाफ पटना, नई दिल्ली, लखनऊ में चार केस दर्ज है। राहुल पर पटना, नई दिल्ली, गुडगांव, लखनऊ में आधा दर्जन मामले हैं।
सुरक्षित है एस्कॉर्ट सर्विस को निशाना बनाना, अवैध रूप से करते हैं कारोबार
पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर हैं। इनके निशाने पर एस्कॉर्ट सर्विस सिर्फ इसलिए आई कि यह पूरी तरह से अवैध है। पूरे देश में इसका मकड़जाल है। जो पुलिस की नजर से बचकर देह व्यापार का अनैतिक कारोबार चलाते हैं।
आरोपियों ने सुरक्षित योजना बनाकर इस सर्विस के लोगों को निशाना बनाने लगे। पुलिस के मुताबिक केन्द्र सरकार ने एस्कॉर्ट सर्विस मुहैया कराने वाली लगभग ढाई सौ वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध गृह मंत्रायल के विशेषज्ञों की समिति की सिफारिश पर लगाया गया था।
क्या है एस्कार्ट सर्विस
भारत में एस्कार्ट सर्विस का मकड़जाल कुछ समय से जोर पकड़ रहा है। पुलिस के मुताबिक एस्कॉर्ट सर्विस को चलाने वाले संचालक लड़कियों की उम्र के मुताबिक ग्राहकों से सौदा करते हैं। इसके लिए पहले लड़कियों की फोटो भेजी जाती, जिस पर रेट तय किया जाता है। सौदा तय होने के बाद ब्रोकर के जरिए ग्राहक के पते पर लग्जरी कार से लड़कियों को पहुंचाते हैं।
पुलिस के मुताबिक इस सर्विस के तहत 10 हजार से लेकर लाखों रुपये तक में लड़कियों का सौदा किया जाता है। ब्रोकर्स तय रुपए लेने के बाद लड़की ग्राहक को सौंपता है और अगली सुबह उसे लेने जाता है।
सांसद के बेटे भी हो चुके शिकार
एस्कॉर्ट सर्विस की सुविधा लेने के दौरान यूपी के एक सांसद का बेटा भी लूट का शिकार हुआ था। उसके साथ यह वारदात मुम्बई में हुई थी। वहां के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से सांसद के बेटे ने एस्कॉर्ट सर्विस के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
इसमें सर्विस की लड़की और उसके ड्राइवर द्वारा सांसद के बेटे और उसके एनआरआई दोस्त को लूटने की बात कही थी। इसी वारदात के बाद एस्कॉर्ट सर्विस का खुलासा भी हुआ था।
दबोचने वाली पुलिस टीम को इनाम
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को दबोचने में इंस्पेक्टर चिनहट रवीन्द्र नाथ राय, एसआई राम बहादुर पाल, राजदेव मिश्रा, कांस्टेबल देवेन्द्र प्रताप सिंह, रामनिवास शुक्ला, अफसार आलम, अमित यादव और रमाशंकर चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एडीजी लखनऊ अभय कुमार प्रसाद ने टीम को 15 हजार रुपए का इनाम दिया है।