पूर्व प्रधान पर जानलेवा हमले की साजिश उसके ही सगे भतीजे ने रची थी।
बुधवार रात पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ। पूर्व प्रधान ने गोद ली हुई बेटी के नाम चार बीघा जमीन का बैनामा कराया था।
इससे नाराज भतीजे ने उनकी हत्या की साजिश रची। फिलहाल हमले के बाद से आरोपी भतीजा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
माल थाना क्षेत्र के गुमसेना गांव निवासी लक्ष्मी नारायन रस्तोगी (85) को बुधवार शाम लगभग साढे़ पांच बजे माल निवासी लाखन सिंह उर्फ छोटे मुनवा एवं नौबस्ता निवासी बद्री रावत ने गोली मार दी थी।
ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया था। शराब के नशे में धुत बदमाशों के पास 315 बोर का एक-एक तमंचा व चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पूछताछ में बदमाशों ने लक्ष्मी नारायन के भतीजे संतोष रस्तोगी पर हत्या की सुपारी देने का खुलासा किया।
बदमाशों ने बताया कि 20-20 हजार रुपये का लालच देते हुए संतोष ने ही उन्हें तमंचा व कारतूस उपलब्ध कराए थे।
पूर्व प्रधान की पत्नी कमला देवी ने संतोष सहित तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट लिखाई है। कमला ने बताया कि उनके कोई संतान नही है इसलिए गांव की ही सरोजनी गुप्ता को बचपन से बेटी की तरह पाला।
उसका विवाह भी कर दिया। पिता की सेवा करने के लिए सरोजनी अपने परिवार सहित घर पर रह रही है। दो माह पूर्व लक्ष्मी नारायन ने सरोजनी को चार बीघा जमीन का बैनामा करा दिया था।
यह बात संतोष को नागवार गुजरी। गुरुवार को जमीन के दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार मलिहाबाद के यहां गवाही होनी थी। उसने दाखिल खारिज कराने पर आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन लक्ष्मी नारायन नहीं माने।