मानकनगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह रेलकर्मी के बेटे की खून से सनी लाश कारखाने में पड़ी मिली। उसके शरीर पर धारदार हथियार से काटने के निशान थे।
आशंका है गला रेतकर उसकी हत्या की गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के साथ ही पुलिस साथी कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
कृष्णानगर के केसरीखेड़ा निवासी दिलीप कुमार रावत (33) दर्जी था। उसकी मां रामप्यारी रेलवे के आरडीएसओ में चतुर्थ श्रेणीकर्मी थी। जहां से वह शुक्रवार को रिटायर हुई है।
दिलीप के घर में रिटायरमेंट की पार्टी थी। जिसका सारा बंदोबस्त दिलीप ही कर रहा था। दिलीप सुबह कारखाने के लिए निकला और वहां पहुंचकर ऊपर कमरे में चला गया।
कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सुबह 10 बजे करीब साथी कर्मचारी राजेश पहुंचा तो देखा कमरा बंद था। कई आवाज लगाई, मगर आहट न मिलने पर दरवाजे के सुराख से झांका तो वह फर्श पर पड़ा था।
भाई बोला, हुई है हत्या
इसकी जानकारी मालिक को दी गई। कुछ देर में पहुंचे मालिक अजय ने सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़कर देखा तो युवक कमरे में खून से लथपथ पड़ा था।
सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो देखा उसका गला रेता था और बाएं हाथ की नस कटी थी।
पास में एक ब्लेड पड़ा था। वहीं, जानकारी पर पहुंचे भाई जसवंत ने धारदार हथियार से हत्या की आशंका जताई है। थाना प्रभारी का कहना है कि दर्जी ने खुदकुशी की है।
वहीं, भाई जसवंत के मुताबिक, अगर दिलीप को कोई परेशानी होती तो वह घरवालों को बताता। दिलीप की पत्नी को भी किसी बात के बारे में नहीं पता है।
जसवंत ने बताया कि दिलीप सुबह दस बजे हंसी खुशी घर से निकला था और कहा था कि कुछ देर में ही वह लौट आएगा।
अगर उसे सुसाइड करना था तो वह घर में भी कर सकता था। परिवारीजनों ने घटना की जांच की मांग की है।