अपने जिस लापता बेटे की शिकायत लेकर थाने पहुंचे पिता को सुल्तानगंज पुलिस ने टरका दिया था, उसी मासूम की लाश सोमवार को कूड़े के ढेर में मिली।
बेखौफ दरिंदों ने ढाई साल के अफजल की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव जलाकर बोरे में लपेटा और कूड़े के ढेर पर फेंक दिया। बच्चे के सिर पर चोट के निशान मिले हैं।
दायां पैर, दाहिने हाथ की अंगुलियां और नाजुक अंग भी कटा मिला है। हजरतगंज के संजय गांधीनगर बालू अड्डा मोहल्ले में इस हत्या से सनसनी फैल गई है।
मासूम अपनी बहन के साथ गणतंत्र दिवस पर उसके स्कूल गया था और वहां मिठाई लेने के बाद से ही लापता था।
सब्जी का ठेला लगाकर गुजर-बसर करने वाले शकील का सबसे छोटा बेटा अफजल अपनी 8 वर्षीय बहन पारो के साथ रविवार सुबह सात बजे अमाइकत एकेडमी स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह देखने गया था।
समारोह में बच्चों को मिठाई बांटे जाने के बाद अफजल लापता हो गया। शकील ने सुल्तानगंज पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी। पुलिस ने उसे खोजबीन के बहाने टरकाते हुए दो दिन बाद आने को कहा।
पुलिस की पुरानी थ्योरी-कुत्तों ने नोचे मासूम के अंग
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लाश देखने पर साफ लग रहा था कि उसके अंग किसी धारदार हथियार से काटे गए हैं। वहीं पुलिस दावा कर रही है कि कूड़े के ढेर में पड़ा शव कुत्ते या किसी अन्य जानवर ने नोच खाए।
अपने दावे को पुख्ता करने के लिए पुलिस यह भी तर्क दे रही है कि शव कूड़े के ढेर में फेंके होने की सूचना देने वाले राहगीर ने भी जानवर के लाश को नोंचने की जानकारी दी थी।