एसपी ने बताया कि शक के आधार पर जब मुख्यमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी गई तो पता चला कि सीएम कार्यालय से किसी ने फोन किया ही नहीं। सर्विलांस के जरिए आरोपी के नंबर ट्रेस किए तो सारी हकीकत सामने आ गई।
इसके बाद सदर कोतवाल अतुल सिंह, एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, आरक्षी लाल प्रकाश दुबे ने टीम के साथ लखनऊ के आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास से आरोपी को दबोच लिया।
वही, उसके दूसरे साथी सैय्यद नसर नफीस उर्फ साहिल निवासी माल एवेन्यू, लखनऊ की तलाश की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।