लखनऊ के गुडंबा में बीते साल दिसंबर में अपनी सास का गला रेतकर हत्या करने वाला आरोपी सोमवार को जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह जयपुर के करधनी थानाक्षेत्र के झोटवाड़ा में नाम बदलकर छिपा था। जयपुर पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की तो गुडंबा में हत्या का भी मामला खुल गया।
वो वारदात के बाद शहर बदलता और नई पहचान के साथ शादियां करता था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी रफीक ने जयपुर पुलिस के सामने तीन हत्याओं की बात कुबूली है।
उसने पहली हत्या 1990 में बूंदी में की थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान साथी छात्र अमित की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके खिलाफ पांच मामले और दर्ज हुए। इसमें हत्या की कोशिश, मारपीट सहित कई धाराएं थी। कॉलेज से ही साथ में पढ़ने वाली छात्रा को लेकर भाग गया। छात्रा के परिवारीजनों ने केस दर्ज कराया था।
साथी की हत्या के बाद उसने आगरा जाकर अमन अली के नाम से पहचान पत्र बनवाकर 12वीं की परीक्षा पास की। ग्रेजुएशन और एलएलबी की। एक मुस्लिम युवती से शादी की और मार्बल का कारोबार शुरू किया। विवाद होने पर साथी कारोबारी इश्तियाक की सुपारी देकर हत्या करवा दी। इसके बाद सबकुछ बेचकर जयपुर चला गया।
मकानमालिक की बेटी से शादी की और साली से हुआ इश्क
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जयपुर में वो किराए पर रहने लगा और मकान मालिक की बड़ी बेटी से शादी की और उसे अपनी साली से प्यार हो गया। इसके बाद साली व सास लेकर लखनऊ आ गया। जहां रफीक के नाम से रहने लगा और मार्बल का कारोबार करता था।
लखनऊ में सास से झगड़ा होने पर उनकी गला रेत कर हत्या कर दी और शव अचनेरा के पास फेंक दिया। मामले में रफीक की पत्नी गजराला ने गुडंबा थाने में केस दर्ज कराया था।
हत्या के बाद से उसने फर्जी पहचान पत्र तैयार कराया। वहीं, पत्नी गजराला की हत्या की साजिश भी रचने लगा था। इसकी पुष्टि जयपुर पुलिस के पूछताछ में रफीक ने की है।
सास की हत्या के मामले में खुद को पुलिस की पकड़ से बचाने के लिए वह जयपुर लौट आया, जहां वो करधनी इलाके में फर्जी कागजात बनवाकर अर्जुन सिंह के नाम से रहता था। जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी रफीक उर्फ अर्जुन सिंह के पास से एक पिस्तौल लोडेड, सात कारतूस, कार की सीट पर धारदार हथियार मिला।