फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्लफ्रेंड के रिजर्वेशन के लिए बना फर्जी IPS, धरा गया

Fri, 23 May 2014 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्राटेदार इंग्लिश बोलते हुए एक तीस वर्षीय युवक गुरुवार को मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमिताभ कुमार के कमरे में दाखिल हुआ।
विज्ञापन


खुद को 2005 बैच का आईपीएस अधिकारी बताकर एक महिला सैन्य अधिकारी के लिए पुणे एक्सप्रेस से एचओआर कोटा मांगा।

अमिताभ कुमार को शक हुआ तो उन्होंने उससे पहचान पत्र मांग लिया। लेकिन उसके पास पहचान पत्र नहीं मिला।

जांच में युवक फर्जी निकला। इसके बाद युवक को हजरतगंज पुलिस को सौंप दिया गया।
Trending Videos

चार लोगों के ल‌िए मांग रहा था कोटा

आगरा निवासी और बंगलुरू में बीटेक छात्र जितेंद्र कुमार सिंह पिछले दिनों लखनऊ आया था।

सेना के सेवानिवृत्त सूबेदार का बेटा जितेंद्र कुमार सिंह गुरुवार को पूर्वोत्तर रेलवे की डीसीएम नीतू के पास पहुंचा और खुद को आईपीएस बताते हुए चार यात्रियों के लिए रेलवे से कोटा मांगा।

चार यात्रियों को मुख्यालय से कोटे से सीटें देने के लिए डीसीएम ने आईकार्ड मांगा। आईकार्ड न होने की बात कहते हुए वह उत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय में सीनियर डीसीएम अश्विनी श्रीवास्तव के पास पहुंचा।

वित्त मंत्रालय में तैनात आईपीएस बताया

सीनियर डीसीएम को उसने खुद को वित्त मंत्रालय में तैनात आईपीएस बताया। सीनियर डीसीएम ने कुछ अधिकारियों के नाम गिनाए तो उसने अनभिज्ञता जताई।

इसके बाद वह मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमिताभ कुमार के पास पहुंच गया। यहां उसने ट्रेन लखनऊ-पुणे एक्सप्रेस की सेकंड एसी में छावनी के गौर इन्क्लेव निवासी महिला मेजर और दूसरे पीएनआर पर इसी ट्रेन में थर्ड एसी में तीन यात्रियों के लिए एचओआर से सीटें मांगी।

महिला मेजर के नाम का टिकट सेना के वारंट पर बीती 15 मई को सुबह 11:25 बजे और तीन अन्य यात्रियों का टिकट कैंट स्थित डिफेंस के रेल आरक्षण केंद्र से 11:27 बजे बना था।
विज्ञापन

फिर कुबूला गुनाह

जितेंद्र ने अमिताभ को बताया कि महिला मेजर उसकी दोस्त है। अमिताभ कुमार ने जब जांच की तो पता चला कि जितेंद्र सिंह नाम का कोई आईपीएस केंद्रीय गृह विभाग में तैनात ही नहीं है।

अमिताभ ने तुरंत आरपीएफ बुलाकर युवक को पकड़ लिया। पुष्टि के लिए पूर्वोत्तर रेलवे डीआरएम कार्यालय से एचओआर सेल के अजीत सरकार और उमेश श्रीवास्तव भी पहुंचे।

कुछ देर बाद हजरतगंज पुलिस ने फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उसने कुबूला कि अपनी महिला मित्र और उनके परिवारीजनों को कोटे से सीट दिलाने के लिए फर्जी आईपीएस बन गया था। रेलवे ने उसके खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें