मड़ियांव में शनिवार शाम पत्नी के शक में हमीरपुर के संदीप गुप्ता ने भिठौली मधुपुरम निवासी कॉल सेंटर कर्मचारी सुमन (25) को चाकू से गोद दिया। सुमन शाम करीब सात बजे लाटूश रोड स्थित बिलकिस कॉल सेंटर से घर लौट रही थी।
भिठौली चौराहा पर रिक्शा से उतरकर वह पैदल ही घर की तरफ चल दी। गरमी के चलते उसने चेहरे पर दुपट्टा बांध रखा था। पीछे से आए संदीप ने पत्नी लक्ष्मी समझकर उसे ताबड़तोड़ चाकू मारे। सड़क पर चीख-पुकार मच गई। सुमन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
भीड़ भरी सड़क पर हत्या की वारदात से सनसनी मच गई। संदीप ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन लोगों ने उसे दबोच लिया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। संदीप के पास दो चाकू बरामद हुए हैं।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि संदीप की पत्नी लक्ष्मी मड़ियांव के उर्मिला अस्पताल में नर्स है। तीन साल पहले वह प्रेमी के साथ भागकर राजधानी आ गई थी। संदीप उसे ढूंढते हुए राजधानी आया था।
अस्पताल से पीछे लगा था संदीप,चकमा दे गई पत्नी
इंस्पेक्टर ने बताया कि संदीप को लक्ष्मी के मधुपुरम में रहने का पता चला गया था। वह दो दिन पहले राजधानी आया तो लक्ष्मी के उर्मिला अस्पताल में काम करने की जानकारी मिली। इसके बाद शनिवार को वह पूरी तैयारी से राजधानी आया।
सुबह से ही वह चाकू लेकर पत्नी के पीछे लगा था लेकिन मौका नहीं मिला। शाम को वह अस्पताल के बाहर से ही पत्नी के पीछे लग गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि लक्ष्मी को उसके पीछे लगे होने की भनक लग गई थी। वह टेंपो से भिठौली चौराहा पहुंची तो संदीप भी दूसरे टेंपो से पीछे आ गया।
दोनों के चौराहा पहुंचने में चंद सेकेंड का अंतर रहा। इसी दौरान लक्ष्मी उसे चकमा देकर गायब हो गई। टेंपो से उतरते ही संदीप उसे ढूंढने लगा। पूछताछ में संदीप ने बताया कि पत्नी भी चेहरा ढके थी।
कुछ दूर पर उसी तरह चेहरा ढके युवती को पत्नी समझकर संदीप ने चाकू से हमला कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुमन की कद-काठी और कपड़े लक्ष्मी से काफी मिलते-जुलते थे।
तीन साल से कर रहा था पत्नी की तलाश
इंस्पेक्टर ने बताया कि संदीप तीन साल से पत्नी की तलाश कर रहा था। एक साल पहले कैसरबाग के एक रेस्टोरेंट में उसने पत्नी को प्रेमी संग देखा भी था। उसने दोनों का पीछा किया लेकिन वह चकमा देकर गायब हो गए।
संदीप यह नहीं पता लगा सका कि लक्ष्मी कहां रहती है। वह लक्ष्मी के बारे में पता लगाने के लिए अक्सर राजधानी आता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि हमीरपुर मे मोबाइल फोन व रिचार्ज कूपन का काम करने वाले संदीप और बांदा के अतर्रा की लक्ष्मी की शादी वर्ष 2002 में हुई थी। उनके तीन बच्चे भी हैं।
शादी के दस साल बाद लक्ष्मी उसे व बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। लक्ष्मी ने यहां आकर सेवा कॉलेज से नर्सिंग का कोर्स किया और अस्पताल में नौकरी शुरू कर दी।
बर्थडे मनाने जाना था गांव,हो रहा था सुमन का इंतजार
सुमन रिटायर्ड बीडीओ अनिरुद्ध सिंह चौहान की बेटी थी। सात बहनों और एक भाई में वह पांचवें नंबर की थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुमन का परिवार मूल रूप से सीतापुर के कमलापुर का है और बीते डेढ़ साल से मधुपुरम में एके श्रीवास्तव के घर पर किराये पर रह रहा है। सुमन के भाई अनुज का रविवार को जन्मदिन है।
पूरा परिवार गांव जाने की तैयारी कर रहा था। अनुज का जन्मदिन वहीं मनाने का कार्यक्रम था। सभी लोग घर आ चुके थे। सुमन का बेसब्री से इंतजार हो रहा था। शाम करीब छह बजे सुमन ऑफिस से निकली और उसने बहन मधु को फोन कर जल्द आने की बात कही।
कौन जानता था कि घर के पास पहुंचते ही वह अनहोनी का शिकार बन जाएगी। सुमन पर हमले की खबर परिवारीजनों को मिली तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ। परिवारीजन नंगे पैर घटनास्थल की तरफ दौड़े। वहां सुमन को खून से लथपथ पड़ा देख रोना-पीटना मच गया।
उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां से ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां सुमन को मृत घोषित कर दिया गया। परिवारीजनों का कहना था कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है।
सुमन का दायां कान बुरी तरह से लहूलुहान है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने लूटपाट के विरोध में हत्या की आशंका जताई। लोगों का कहना था कि हमलावर ने सुमन के कान से बाली नोंचने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सका।
हालांकि, इंस्पेक्टर ने लूटपाट की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि गलतफहमी के चलते संदीप ने सुमन पर हमला किया था। सुमन के परिवारीजनों की तरफ से एफआईआर दर्ज की जा रही है।
सुमन के शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए गए। उसके सिर और माथे पर दो-दो चाकू मारे गए थे जबकि एक-एक निशान सीने व पीठ पर मिला है। पुलिस का कहना है कि हमलावर ने सुमन को संभलने का मौका ही नहीं दिया।