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लखनऊ में देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़, ताबड़तोड़ फायरिंग, 6 दबोचे गए

Mon, 25 Sep 2017 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
खनन कारोबारी के बेटे का अपहरण कर करोड़ों की फिरौती वसूलने की साजिश रच रहे बदमाशों की रविवार देर रात इंदिरानगर के कल्याण अपार्टमेंट के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई। रिंगरोड के पास पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से एक रिवाल्वर, पांच तमंचे और कारतूस बरामद किया गया है।

गाजीपुर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बदमाश खनन कारोबारी विजय गुप्ता के बेटे अंकित का अपहरण कर 10 करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने की तैयारी में थे। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इंडिका कार से सवार बदमाश अंकित के मुंशीपुलिया स्थित घर के आसपास चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों को दबोच लिया गया। इनमें इलाहाबाद का सनी सोनकर, नैनी का विनोद शर्मा और गुड्डा, बहराइच का रवि, फैजुल्लागंज का राजू और एक दूसरा विनोद है। गुड्डा के पैर में गोली लगी है।
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5 दिन से थी प्लानिंग, 10 करोड़ फिरौती वसूलने की थी साजिश
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बदमाशों ने पांच दिन से अंकित के अपहरण की प्लानिंग कर रखी थी। मुखबिरों से इसकी भनक लगने के बाद अंकित की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सादे कपड़ों में उसके घर के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने बताया कि अंकित का अपहरण कर उसके परिवारीजनों से दस करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने का इरादा था।
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पुलिस ने घेराबंदी की तो ताबड़तोड़ फायरिंग
एसएसपी ने बताया कि अंकित के घर के पास कार में घूम रहे बदमाशों को पुलिस ने रोका तो वे स्पीड बढ़ाकर रिंग रोड की तरफ भागे। पुलिस ने पीछा किया तो कल्याण अपार्टमेंट के पास बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर लौटा था अंकित
मूल रूप से उरई के रहने वाले अंकित के परिवारीजनों ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन का कोर्स पूरा करके लौटा था। पुलिस ने उसके परिवारीजनों को अपहरण की साजिश की जानकारी दी थी। तभी से पूरा परिवार दहशत में था। (अंकित से जानकारी लेते एसएसपी)
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महाकवि निराला के पोते की हत्या कर आए थे बदमाश्‍ा
खनन कारोबारी के बेटे के अपहरण की साजिश रचने वाले सनी सोनकर ने ही बृहस्पतिवार रात इलाहाबाद में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पोते अखिलेश की बम मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह और उसके साथी भागकर लखनऊ आ गए थे। यहां उन्होंने खनन कारोबारी के बेटे का अपहरण करने की साजिश रची। इलाहाबाद से भागे सनी के लखनऊ में शरण लेने की आशंका के बाद से पुलिस उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान अपहरण की साजिश का पता चला और पुलिस सतर्क हो गई। (पकड़े गए बदमाश।)

पारा एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी को सनी सोनकर के मोबाइल नंबर का सर्विलांस करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अजय ने सनी की बातचीत सुनी तो अपहरण की साजिश का पता चला। पुलिस बदमाशों की तलाश में लग गई लेकिन ज्यादातर वक्त मोबाइल फोन बंद होने से उन तक पहुंचा नहीं जा सका। सनी ने जिन लोगों से बात की थी, पुलिस ने उनके नंबर भी खंगाले। इसमें विनोद और रवि के नंबरों पर ज्यादा बातचीत हो रही थी।
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रविवार देर रात अंतत: पुलिस ने निराला के पोते की हत्या करके लखनऊ में शरण लिए बदमाशों को पकड़ ही लिया। मालूम हो कि बृहस्पतिवार रात सनी और उसके साथी इलाहाबाद के दारागंज इलाके में गगन निषाद नाम के व्यक्ति की हत्या के इरादे से गए थे। बदमाशों ने सब्जी मंडी में गगन पर बमों से हमला कर दिया। दो गोलियां भी चलाईं। इसी दौरान सब्जी खरीदने आए अखिलेश त्रिपाठी की पीठ पर एक बम फटा और वह बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां मौत हो गई।
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टीम को 20000 का इनाम
एसएसपी दीपक कुमार ने बदमाशों को पकड़कर अपहरण की बड़ी वारदात बचाने वाली पुलिस टीम को 20000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। एसएसपी ने बताया कि टीम में गाजीपुर इंस्पेक्टर गिरजा शंकर त्रिपाठी, महानगर इंस्पेक्टर विकास पांडेय, पारा एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। (इस टीम ने किया इनकाउंटर।)

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घर के भेदी ने बदमाशों को दी थी 55 करोड़ कैश रखे होने की जानकारी
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों को खनन कारोबारी के घर पर काम करने वाले विनोद रावत ने ही बुलवाया था। उसने बदमाशों को बताया था कि घर पर 55 करोड़ रुपये कैश रखे हैं। अगर वह लूटपाट कर लें तो जिंदगी भर कोई काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, बदमाशों ने लूटपाट के बजाय खनन कारोबारी के बेटे के अपहरण की साजिश रची।
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एक महीने में तीसरी मुठभेड़
रविवार रात बदमाशों से एक महीने में यह तीसरी मुठभेड़ थी। पहली मुठभेड़ 27 अगस्त की रात सरोजनीनगर के स्कूटर इंडिया चौराहा पर हुई थी जिसमें पुलिस ने 15,000 रुपये के इनामी उदयराज को पकड़ा था। उदयराज पारा में डकैती के दौरान किशोरी से रेप के आरोपियों में से एक था और कई महीने से फरार चल रहा था। दूसरा एनकाउंटर एक सितंबर की रात गोमतीनगर के शहीद पथ स्थित इंटरनेशनल स्टेडियम के पास हुआ जिसमें सीरियल किलर सलीम गैंग का शार्प शूटर सुनील शर्मा मारा गया था। सुनील पर 15000 का इनाम था। इसने कैंट के पार्षद रहे पप्पू पांडेय की अमीनाबाद में गोली मारकर हत्या की थी। आठ अगस्त को वह हरदोई से पेशी केलिए कोर्ट आया और पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। उसने 27 अगस्त को बिल्डर अजय रस्तोगी से 20 लाख रंगदारी मांगी थी जिसका केस दर्ज किया गया था।
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