चौक से पत्नी व दो बच्चों सहित लापता सराफ अमित अग्रवाल ओडिशा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
पुलिस ने रविवार को उसे मुंबई के एक साइबर कैफे से उस वक्त दबोचा जब वह लखनऊ के अपने वकील को ई-मेल कर रहा था।
अमित को स्पेशल एयरक्राफ्ट से ओडिशा ले जाया गया। उसे गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, पुरी के एसपी अनूप कुमार साहू ने अमित के पकड़े जाने से इंकार किया है।
उधर, गुरुवार को अमित के पकड़े जाने की सूचना से चौक के सराफा कारोबारियों में खासी हलचल रही।
सराफ पर ओडिशा के पुरी के होटल जमींदार में अपनी पत्नी व दो बच्चों की हत्या करके भाग निकलने का आरोप है।
छिपकर मुंबई में रह रहा था अमित
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमित मुंबई में छिपकर रह रहा था। उसके मोबाइल फोन बंद थे। उसने किसी रिश्तेदार और परिचित से भी संपर्क नहीं किया।
इससे उस तक पहुंचने में मुश्किल आ रही थी। पुरी की पुलिस लगातार उसकी ई-मेल पर भी नजर रखे थी। सर्विलांस से पुलिस को उसके इंटरनेट एक्सेस करने की जानकारी मिली।
वह राजधानी में अपने वकील को ई-मेल के जरिये संपर्क कर रहा था। इस जानकारी के बाद पुलिस अमित तक पहुंची और रविवार को उसे नवी मुंबई के एक साइबर कैफे से दबोच लिया गया।
इसके बाद 15 दिसंबर को पुरी के सी-बीच थाना क्षेत्र के होटल जमींदार पैलेस के रूम नंबर 307 में अंकिता और उसके बच्चों के शव पाए गए। तिहरे हत्याकांड का शक अमित पर जताते हुए पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
अपनी मौत का लिखा था सुसाइड नोट
गहन जांच के बाद होटल के कमरे से पुरी पुलिस को दो सुसाइड नोट मिले थे। एक अमित के नाम से था, जिसमें उसने भारी कर्ज के चलते आत्महत्या करने की बात लिखी थी।
दूसरा सुसाइड नोट अंकिता के नाम से था, जिसमें उसने लिखा था, अगर पति ने कोई ऐसा कदम उठाया तो वह भी अपना जीवन समाप्त कर लेगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों सुसाइड नोट की लिखावट एक ही थी। ऐसा लग रहा था कि एक ही व्यक्ति ने सुसाइड नोट लिखे। इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है।
कैसे हुआ था गायब
18 अगस्त की सुबह साढ़े दस बजे वह पत्नी व बच्चों को इनोवा कार से लेकर गायब हो गया था। फैजाबाद निवासी बहनोई अभिषेक ने चौक थाना में चारों की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी।
पुलिस खोजबीन में जुटी लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। रविवार सुबह वृंदावन में अमित के घरवालों को उड़ीसा में अंकिता व बच्चों की मौत की सूचना मिली।
अमित के घरवालों ने अभिषेक को फोन कर वारदात की जानकारी दी। खबर सुनते ही अभिषेक और उसके परिवारीजनों में चीख-पुकार मच गई।
इसी बीच मामले की जानकारी पाकर चौक थाना के एसएसआई दिनेश सिंह ने उड़ीसा पुलिस से संपर्क किया। उड़ीसा पुलिस ने बताया कि अमित और उसका परिवार नौ दिसंबर को होटल आया था।
उड़ीसा के होटल में मिली थी पत्नी की लाश
सर्राफ अमित अग्रवाल की पत्नी अंकिता और दो बच्चों की उड़ीसा के पुरी में एक होटल में हत्या कर दी गई।
16 दिसंबर को सी-बीच स्थित होटल जमींदार पैलेस के रूम नंबर 307 में उनके शव मिले। कमरा बाहर से लॉक था। आशंका जताई गई कि अमित ने ही पत्नी व बच्चों की हत्या कर दी और भाग निकला।
पुलिस को कमरे में सारा सामान सुरक्षित मिला। कमरे में रखी एक पर्ची में एक मोबाइल नंबर लिखा था। पुलिस ने इस नंबर पर संपर्क कर मथुरा में अमित के घरवालों को सूचना दी तो कोहराम मच गया।
अंकिता का भाई अभिषेक अपने घरवालों के साथ पुरी के लिए रवाना हो गया। मूल रूप से वृंदावन निवासी माधव राम अग्रवाल का बेटा अमित चौक के फिरंगी टोला स्थित मकान में पत्नी अंकिता, बेटी वाणी (7) और बेटे दिव्यांश (4) के साथ रहता था।
क्या कह रही थी उड़ीसा पुलिस
उड़ीसा पुलिस का मानना रहा है कि मोबाइल नंबर लिखी पर्ची हत्यारे ने लिखी होगी, जिससे वारदात की जानकारी मृतकों के घरवालों को दी जा सके। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने से मौत की पुष्टि हुई।
माना गया कि तीनों को जहरीला पदार्थ पिलाने के बाद गला कसकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक कमरे में पूजा-पाठ भी किया गया था जिससे यह मामला मानव बलि की भी आशंका जताई गई।
पुलिस इस दिशा में भी छानबीन कर रही थी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने कमरे से साक्ष्य एकत्र करके उनकी भी जांच की है। अमित की तलाश में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट को सतर्क कर दिया गया था। उड़ीसा पुलिस के मुताबिक अमित को आखिरी बार 14 दिसंबर को देखा गया था।
अमित के पास था काफी सोना और रुपया
चौक सर्राफा बाजार के व्यापारियों का कहना था कि अमित के पास काफी सोना और रुपया था। आशंका यह भी जताई गई कि सोना और रुपया हड़पने के लिए ही किसी ने पत्नी और बच्चों की हत्या की हो और अमित को अगवा कर लिया हो।
सोना लेने के बाद उसे भी कहीं मारकर फेंक देने की आशंका व्यापारियों ने जताई। हालांकि, पुलिस सूत्रों का मानना था कि अमित ने ही कर्ज के दबाव या अन्य किसी कारण से पत्नी और बच्चों की हत्या की और भाग गया।
सुसाइड नोट खुद अमित के हाथ का लिखा होने की आशंका जताई जा रही थी। एसपी का मानना था कि पुलिस की जांच को भ्रमित करने के उद्देश्य से दोनों सुसाइड नोट लिखे गए।
पुलिस पर भी लगे इल्जाम
मामला तूल पकड़ा तो पुलिस पर भी आरोप लगने लगे। लोगों ने आरोप लगाए कि सर्राफ अमित अग्रवाल की पत्नी अंकिता और दो मासूम बच्चों को खाकी की लापरवाही लील गई। सर्राफा व्यापारियों ने तीनों की मौत का दाग चौक पुलिस पर लगा दिया।
आक्रोशित व्यापारियों ने कहा कि अमित के गायब होने के बाद कई बार उसकी लोकेशन मिली। व्यापारियों ने खुद उसे ढूंढ़कर पुलिस को बताया, लेकिन पुलिस बरामद करने नहीं गई।
उधर, उड़ीसा में अंकिता के भाई अभिषेक और उसकी पत्नी श्रद्धा ने वहां के एसपी से मिलकर अपने बयान दर्ज कराए।
चौक सर्राफा बाजार के व्यापारियों ने दावा किया कि अमित की गुमशुदगी के प्रकरण में पुलिस शुरू से ही रुचि नहीं ले रही थी।