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लखनऊ गैंगरेप: आरोपी का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

Sat, 26 Jul 2014 09:04 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
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मोहनलालगंज दरिंदगी कांड के मुख्य आरोपी गार्ड रामसेवक का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा।
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इसके लिए उच्च स्तर पर अधिकारियों में मंथन चल रहा है। इसके पीछे पॉलीग्राफ टेस्ट को खुलासे का वैज्ञानिक आधार बनाए जाने की मंशा है।

हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक फैसला नहीं किया जा सका है।

दरअसल पुलिस इस मामले में खुलासे को लेकर उठे सवाल और उन पर अफसरों की चुप्पी के बाद ही रामसेवक का पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने की जरूरत महसूस की गई है।
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हो सकती है पुलिस की किरकिरी

अधिकारियों के मुताबिक रामसेवक के खिलाफ तमाम साक्ष्य हैं। जैसे घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी, घटनास्थल पर पहुंचने से पहले उसकी व युवती के मोबाइल का लोकेशन अलग-अलग होना फिर एक ही लोकेशन, युवती के नाखूनों से बरामद रामसेवक की त्वचा के अंश और डीएनए मिलान की रिपोर्ट उसे सजा दिलाने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं।

लेकिन पुलिस ने इस मामले में जिस तरह तमाम पहलुओं पर पड़ताल किए बगैर केस को खोला, उससे पुलिस की थ्योरी पर ही सवाल उठ गए।

लेकिन पुलिस सवालों के जवाब देने से हिचकिचाती रही, इससे इतना साफ हो रहा था कि कुछ बातें ऐसी हैं, जिनके बारे में पुलिस अपना मुंह बंद रखना चाहती है या फिर किसी को बचाने की कोशिश हो रही है।

लिहाजा आला अधिकारियों ने रामसेवक का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का विचार बनाया है। लेकिन यह टेस्ट तभी सही है जब रामसेवक ही असली आरोपी हो।

अगर मुख्य आरोपी कोई और हुआ तो पॉलीग्राफ टेस्ट से पुलिस की और भी किरकिरी हो सकती है। हालांकि आला अधिकारी इस बात को समझ रहे हैं, इसलिए अभी तक पॉलीग्राफ टेस्ट पर कोई फैसला नहीं हो सका है।
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पीड़ितों के पक्ष में सरकार ले सकती है फैसला

चर्चा तो यह भी है कि पीड़ित परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों की इस मामले में सीबीआई की जांच की मांग के संबंध में अगर राज्य सरकार इनके पक्ष में कोई फैसला लेती है।

तो ऐसे में सीबीआई भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराएगी। लिहाजा ऐसी स्थिति आने से पहले ही पॉलीग्राफ टेस्ट करा लिया जाए, ताकि पुलिस की स्थिति मजबूत बनी रहे।

आरोपी रामसेवक का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने पर विचार तो हुआ था लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है।
-अमरेंद्र सेंगर, आईजी कानून-व्यवस्था
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