जांच में विभूतिखंड एसओ को क्लीन चिट मिलने की चर्चाओं ने अन्याय के खिलाफ लड़ रही महिला कांस्टेबल का मनोबल गिरा दिया है।
महकमे के ही अफसरों से नाउम्मीद कांस्टेबल ने अब आला अफसरों से इंसाफ की गुहार लगाने का फैसला किया है।
साथ ही न्याय के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए जरूरत पड़ने पर कोर्ट में गुहार लगाने की भी बात कही है। सच्चाई सामने लाने के लिए एसओ का नारको टेस्ट कराने के लिए भी प्रार्थनापत्र देने को कहा है।
विभूतिखंड एसओ पंकज कुमार सिंह पर अश्लील फोटो दिखाने का आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल के मामले में अफसरों ने सबको धोखे में रखा।
पीड़ित का कहना है कि फेसबुक पर पीड़ा बताने के अलावा एसएसपी और डीआईजी को थाना में उसके साथ हुई घटनाओं के एसएमएस भेजने के बाद इंसाफ की उम्मीद कर रही थी,लेकिन अफसरों ने गंभीरता से लिया ही नहीं।
पूरे मामले में अफसर पहले से ही एसओ के पक्ष में थे। अगर वाकई निष्पक्ष जांच कराना चाहते तो सबसे पहले एसओ को थाना से हटाकर दूसरी जगह भेज देना चाहिए था।
कांस्टेबल ने सवाल उठाया कि थाना का स्टाफ अपने एसओ के खिलाफ बयान कैसे दे सकता है?कहा कि उसका मनोबल भले ही गिर गया हो लेकिन हिम्मत नहीं हारेगी।
बुधवार को आला अफसरों से मिलकर पीड़ा बताएगी। उधर,सीओ कैंट बबिता सिंह की जांच रिपोर्ट से मंगलवार को भी पर्दा नहीं उठ सका।
बारावफात के जुलूस में व्यस्तता के चलते एसएसपी जांच रिपोर्ट नहीं देख सके। हालांकि,जांच में कांस्टेबल के आरोपों को शामिल न करने की बात सोमवार रात ही स्पष्ट हो गई थी।