अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम 22 जनवरी तक देने का अल्टीमेटम डॉ. निखिल को दिया था। मगर अपहरण के बाद एसटीएफ व गोंडा पुलिस की संयुक्त टीम गौरव की तलाश में जुटी थी। इसी बीच अपहरणकर्ताओं ने डॉ. निखिल को फिरौती की रकम देने के लिए फोन कॉल की। जिसके बाद एसडीएम व गोंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा में आगरा की तरफ चढ़ने वाले जीरो पॉइंट पर मुठभेड़ के दौरान अपहरण के आरोपी डॉ. अभिषेक सिंह निवासी अचलपुर थाना वजीरगंज, नीतेश निवासी बालपुर थाना निहारगंज धौलपुर राजस्थान, मोहित सिंह निवासी ग्राम परौली थाना करनैलगंज गोंडा को गिरफ्तार कर गौरव को डॉ. अभिषेक की गाड़ी से सकुशल बरामद कर लिया।
वहीं, दो आरोपियों रोहित सिंह निवासी कोर्ट बाजार थाना पयागपुर बहराइच व सतीश कुमार चौरसिया निवासी सोनाडी हैदरबाजार थाना धनघटा संतकबीरनगर को सीहापार हाल्ट के पास से गिरफ्तार किया।
मगर हनी ट्रैप के जरिए गौरव का अपहरण कराने की आरोपी डॉ. प्रीति मेहरा निवासी ग्राम धौर थाना दुजाना जनपद झज्जर, हरियाणा जो दिल्ली के प्रेमनगर पपरावत नजफगढ़ में रहती थी। वह पुलिस के हाथ नहीं लगी और फरार हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने डॉ. प्रीति पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। गोंडा पुलिस दिल्ली व मेरठ समेत कई ठिकानों पर डॉ. प्रीति की तलाश कर रही थी। पुलिस ने आरोपी डॉ. प्रीति को उसके पैतृक गांव धौर जिला झज्जर हरियाणा से गिरफ्तार किया है।
एसपी ने बताया कि आरोपी डॉ. प्रीति दिल्ली के जिस अस्पताल में वह काम करती थी वहां भी रिकार्ड में नहीं था इसलिए उसका सुराग लगाने में पुलिस को समय लगा। पुलिस टीम में प्रभारी स्वाट अतुल चतुर्वेदी, उप निरीक्षक सुनील सिंह, उप निरीक्षक राजकुमार, उप निरीक्षक सर्वजीत गुप्ता, हेड कांस्टेबल राजू सिंह, कांस्टेबल आदित्य पाल, हृदय नारायण दीक्षित, अमितेश सिंह, महिला कांस्टेबल कोमल बाजपेई व सोमा देवी शामिल रहीं।