इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की छात्रा आयशा अकील (22) शनिवार देर रात संदिग्ध हालात में गर्ल्स हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर पड़ी।
उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुल्तानपुर में डूडा के सहायक परियोजना निदेशक अकील अहमद की बेटी आयशा इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा कर रही थी।
उसका यह तीसरा साल था। आयशा हॉस्टल के रूम नंबर 432 में अकेले रहती थी। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह चौथी मंजिल से नीचे गिर पड़ी।
मौके पर छात्राओं की भीड़ जमा हो गई। वार्डन हयातउल्ला मौके पर पहुंचे और आयशा को यूनिवर्सिटी के अस्पताल भेजा।
सूचना मिलने पर आयशा के इंदिरानगर निवासी मामा मो. वसीक यूनिवर्सिटी पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यहां से डॉक्टरों ने आयशा को ट्रॉमा सेंटर भेजा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
लापरवाही पर स्टूडेंट्स ने किया हंगामा
आयशा की मौत के लिए यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराते हुए छात्र-छात्राओं ने देर रात ट्रामा सेंटर के बाहर हंगामा किया।
स्टूडेंट्स का कहना था कि चौथी मंजिल से गिरने के बाद करीब आधा घंटा तक छात्रा तड़पती रही। उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस और स्ट्रेचर तक नहीं था।
बाहर से एंबुलेंस मंगाकर छात्रा को यूनिवर्सिटी के अस्पताल ले जाया गया। छात्रों का कहना था कि अस्पताल में न ही डॉक्टर थे न ऑक्सीजन सिलेंडर।
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि अगर सही समय पर आयशा को उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच जाती। स्टूडेंट्स का कहना है कि कई बार अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की गई लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ध्यान नहीं देता।
उधर, आयशा के मामा मो. वसीक ने बताया कि घर पर उसकी मां शामीना और दो छोटे भाई हैं। उन्होंने कहा कि आयशा को किसी तरह की समस्या नहीं थी।
वह आयशा के आत्महत्या करने या गिरने की बात को संदिग्ध मान रहे हैं। उधर, यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने हॉस्टल की अन्य छात्राओं को मीडिया से बात नहीं करने दिया।
इंस्पेक्टर ने कहा कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आयशा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।