आतंकियों के सहयोगी और जाली नोटों के कारोबारी इमरान उर्फ तेली की रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे वापस जेल भेज दिया गया है।
रिमांड के दौरान इमरान तेली ने जांच अधिकारियों को कई अहम सूचनाएं दी हैं, जिनका अब सत्यापन किया जा रहा है।
एटीएस की एक टीम इसके लिए विभिन्न जिलों में ऐसे लोगों को चिन्हित करेगी, जिनके बारे में इमरान ने जानकारी दी थी कि वे लोग जाली नोटों के कारोबार से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं।
इस काम में एटीएस की पूर्वी व पश्चिम उत्तर प्रदेश की टीमों को लगाया गया है। दरअसल, इमरान ने एटीएस को जाली नोटों के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ ही आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों और हवाला कारोबार के बारे में कई सूचनाएं दी हैं।
इन सब पर अलग-अलग काम किया जाना है। एटीएस की कोशिश है कि इमरान द्वारा बताए गए नाम-पतों की तस्दीक की जाए और ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
एटीएस सबसे पहले उस नेटवर्क पर अंकुश लगाना चाहती है, जिसके जरिए विदेशों व खाड़ी देशों से यहां जाली नोटों की खेपें पहुंचाई जा रही हैं। इसके लिए एटीएस अन्य जांच एजेंसियों से सहयोग करने जा रही है।