मुंबई से कमाकर लौटे एक युवक को जीआरपी जवानों ने लखनऊ जंक्शन पर सरेआम पीटकर 32 हजार रुपये लूट लिया। जीआरपी चौकी पहुंचे पीड़ित को थाने का रास्ता दिखा दिया गया। जानकारी पर जीआरपी इंस्पेक्टर गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने पीड़ित को साथ लेकर जंक्शन पर तैनात जीआरपी जवानों की शिनाख्त परेड करायी। लेकिन लुटेरे जवानों की पहचान नहीं हो सकी।
गोंडा निवासी रमजान बुधवार सुबह पुष्पक एक्सप्रेस से लखनऊ जक्शन पहुंचा था। स्टेशन से बाहर निकलते समय तीन वर्दीधारी जीआरपी जवानों ने टिकट चेकिंग के बहाने रोका। इसके बाद सामान की तलाशी भी लेने लगे। रोकने पर जवानों ने पीटने लगे और उसके थैले में रखे 32 हजार रुपये निकाल लिए।
रमजान गिड़गिड़ाता रहा लेकिन जवान बंद करने की धमकी देकर चलते बने। कुछ देर बाद रमजान जीआरपी चौकी पहुंचा। वहां मौजूद दीवान ने जीआरपी थाने जाकर मामला दर्ज कराने की बात कही। बिलखते हुए रमजान जीआरपी थाने पर इंस्पेक्टर गिरिजा शंकर त्रिपाठी के पास पहुंचा।
आपबीती सुनाते हुए कहा कि जवानों ने हाथ पर हरे रंग की पट्टियां लगा रखी थीं। इंस्पेक्टर खुद उसे लेकर लखनऊ जंक्शन पहुंचे। वीडियो फुटेज से छानबीन में कुछ पता न चलने पर तैनात जवानों की शिनाख्त परेड भी करायी। बावजूद इसके वारदात करने वालों का सुराग नहीं लगा।
इस पूरी कार्रवाई में छह घंटे लग गए। रमजान के पास एक भी पैसा नहीं बचा था। इंस्पेक्टर ने उसे 300 रुपये देकर घर जाने को कहा। गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि ऐसा लगता है कि वर्दीधारी जीआरपी जवान नहीं हैं। जांच की जा रही है कि करतूत कहीं जिला पुलिस की तो नहीं है।