उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के विजय लक्ष्मी नगर में गुरूवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने गए अकोइया गांव के प्रधान मोईनुद्दीन उर्फ जग्गू की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए भाग निकले।
भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। घटना का कारण आपसी रंजिश बताया जा रहा है। मृतक मोईनुद्दीन रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम ओबरी का निवासी था। वह शहर के लालकुर्ता मोहल्ले में अपने परिवार के साथ रह रहा था।
वह गुरूवार सुबह करीब 8 बजे अपने पुत्र समीर (7) व सिकंदर (8) के अलावा भतीजे अनस, कशिश और फिरोज को स्कॉर्पियो से लेकर विजय लक्ष्मी नगर स्कूल छोड़ने गया था।
तभी पहले से घात लगाकर बैठे सशस्त्र बदमाशों ने स्कूल के गेट के पास उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। बदमाशों ने एक के बाद एक छह राउंड गोलियां चलाई, गोली कहीं बच्चों को न लग जाए, इसलिए प्रधान बच्चों से दूर भागा। इस बीच दो गोलियां उसके शरीर में जा धंसी और वह जमीन पर गिर गया। वहीं, घटनास्थल पर गोलियों की तड़तड़ाहट होते ही भगदड़ मच गई।
छावनी में बदला अस्पताल परिसर
जख्मी प्रधान को शहर के मोहल्ला सदर बाजार निवासी विकास जायसवाल व अन्य ग्रामीण जिला अस्पताल ले गए लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी पाकर मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। उधर, कड़ी सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया और देर शाम पैतृक आवास पर अंत्येष्टि कर दी गई।
उधर, प्रधान की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच गए। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक विनय गौतम, खैराबाद थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता, इमलिया सुल्तानपुर थानाध्यक्ष जगदीश यादव, रामकोट थानाध्यक्ष को फोर्स के साथ अस्पताल भेजा गया।
पूरा अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रधान के भाई की तहरीर पर लालकुर्ती निवारी मुनीस पुत्र बाबू, सुल्तान, सोफिन व छोटे पुत्र मुंशी तथा छोटू पुत्र नवाब के खिलाफ हत्या आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा जा रहे हैं।