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महिला से दोस्ती में कर्ज में डूबा, देनी पड़ी जान

Wed, 18 Dec 2013 02:39 AM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
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आलमबाग क्षेत्र में एक महिला से दोस्ती के चलते कर्ज में डूबे अधेड़ ने मंगलवार दोपहर तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और फांसी लगा ली।
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उसने महिला मित्र को व्यापार में घाटे से उबरने के लिए कर्ज लेकर 17 लाख रुपये दिए थे। महिला के रकम हड़प लेने पर कर्ज चुकता न कर सका और सूदखोर उसे प्रताड़ित कर रहे थे।

आलमबाग के मोहल्ला चंदननगर निवासी प्रदीप भाटिया (55) ने दोपहर 12:30 बजे कमरे में कुंडे से फंदा कसा और फांसी लगा ली।

थोड़ी देर बाद कमरे में पहुंची पत्नी मीरा ने शव लटका देखकर शोर मचाया। बेटे सक्षम से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही कमरे की तलाशी ली।
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तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि श्रीराम टॉवर स्थित एक मोबाइल शॉप में मैनेजर की नौकरी के दौरान आशियाना के सेक्टर-एम निवासी शिवी तनेजा से दोस्ती हुई थी।

कुछ दिनों बाद शिवी ने नौकरी छोड़कर बंगला बाजार में दुकान खोली। व्यापार में घाटा होने पर मदद मांगी। प्रदीप ने खुद रुपये देने के साथ दोस्तों व सूदखोरों से कर्ज लेकर 17 लाख रुपये दे दिए।

शिवी व उसके परिवार के योगेश तनेजा ने मकान पर बैंक से कर्ज लेकर जल्द ही हिसाब चुकता करने का वादा किया था। काफी समय तक टालमटोल करते रहे। इस बीच दोनों ने मकान बेच दिया लेकिन रकम नहीं लौटाई।

उलाहना देने पर राजाजीपुरम निवासी विवेक द्विवेदी की मदद से प्रदीप को धमकाया। पिता की मौत पर रो रहे 17 वर्षीय सक्षम भाटिया ने पुलिस को बताया कि सूदखोर आए दिन धमकाते रहते थे।

कई बार मारपीट भी करते थे। इतना ही नहीं सारी तनख्वाह भी ले लेते थे। इसके चलते घर में तंगहाली का दौर आ गया। पिता ने शिवी व योगेश भाटिया को अपनी स्थिति बताई लेकिन दोनों ने रकम लौटाने से इन्कार कर दिया।
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प्रताड़ना से आजिज आकर प्रदीप ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सक्षम की तहरीर पर शिवी तनेजा,योगेश तनेजा और विवेक द्विवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

तंगहाली से उबरने में मदद कर रही थी पत्नी
पति की मौत पर बिलख रही मीरा ने बताया कि कर्ज के चक्कर में प्रदीप को तंगहाली से जूझते देख उसने बुटीक का काम शुरू किया था। बेटे सक्षम व बेटी साक्षी की पढ़ाई का खर्च उठा रही थी।

प्रदीप जल्द ही हालात सुधरने की बात कहते थे। मां सुमित्रा दिलासा देती रहती थी। तंगहाली से उबरने की कोशिश चल रही थी कि प्रदीप ने खुदकुशी कर ली।
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