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डॉक्टर बनने का सपना टूटा तो कर ली आत्महत्या

Wed, 20 Aug 2014 03:50 AM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
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डॉक्टर बनने की हसरत पूरी न होती देख बीएससी की छात्रा ने सोमवार को फांसी लगाकर जान दे दी। शव के पास से ही सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
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इसमें उसने मेडिकल में सेलेक्शन न होने के चलते खुदकुशी की बात लिखी है। पुलिस के मुताबिक, शिवनगर खदरा निवासी सत्येंद्र कुमार की बेटी शतांशी नेशनल पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

शाम को देर तक उसके कमरे का दरवाजा बंद देख परिवार के लोगों ने आवाज दी। जवाब न मिलने पर किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर शतांशी फंदे से लटक रही थी।

सूचना पर पहुंची पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने माता-पिता से माफी मांगते हुए डॉक्टर बनने का सपना पूरा न होने के चलते जान देने की बात लिखी थी।
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ताऊ मनोज कुमार ने बताया कि 10वीं 75 प्रतिशत व 12वीं 82 प्रतिशत नंबर से उत्तीर्ण करने के बाद 2013-14 में सीपीएमपी परीक्षा में शामिल हुई थी। हालांकि सफलता न मिलने के बाद से तनाव में रहने लगी थी।

उधर, गाजीपुर थानाक्षेत्र में परिवार स्वास्थ्य कल्याण संस्थान के परिसर निवासी शिव कुमार की बेटी ज्योति कटियार (29) ने फांसी लगाकर जान दे दी।

जानकारी के अनुसार 2008 में ज्योति की शादी हुई थी। ससुराल में प्रताड़ना के चलते ज्योति शादी के एक माह बाद ही मायके चली आई थी।

मंत्री शंखलाल मांझी के निजी चालक शिवकुमार मंगलवार को किसी काम से पैतृक गांव गए थे। इसी दौरान ज्योति ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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