गैंगरेप की शिकार एक किशोरी इंसाफ के लिए डेढ़ साल से अदालत की दहलीज नाप रही थी। आरोपियों की ओर से लगातार धमकी भी मिल रही थी। न्याय का इंतजार लंबा हो चला था।
लगातार मुकदमेबाजी, केस वापस लेने की धमकी से वह हताश हो चुकी थी। इंसाफ के इंतजार से उसे मौत ज्यादा आसान लगी। आखिरकार बृहस्पतिवार को उसने खुदकुशी कर ली।
मामला फैजाबाद का है। उसका शव सिंचाई कॉलोनी के एक कर्मचारी के आवास में फंदे से लटकता मिला। आर्थिक तंगी के चलते वह यहां काम करती थी और रहती भी थी।
करीब डेढ़ साल पहले मंदिर जाते समय कैंट थाना क्षेत्र की किशोरी का घसियारी मंडी के अजीत और शक्ति सिंह ने अपहरण कर गैंगरेप किया था। लोगों के अनुसार इस मामले में विपक्षियों की ओर से मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। वह परेशान चल रही थी।
इस मामले में मृतका के भाई का आरोप है कि उसकी बहन की हत्याकर वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
इसमें विपक्षियों के साथ सिंचाई विभाग के कर्मचारी की भी मिलीभगत है। नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि उसे अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।