आदमी को देखकर ही वह सहम जाती है। इसकी वजह है कुछ दरिंदे, जिन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना से उसे गहरा आघात लगा।
सीतापुर की विक्षिप्त किशोरी को सड़क से दरिंदों ने उठाया और ट्रक में बैठा लिया। रास्ते में दुराचार किया और गोमतीनगर में छोड़कर भाग गए।
किशोरी इस समय सामाजिक संस्था निर्वाण की देखरेख में है और संस्था के ही संचालक डॉ. धपोला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसओ गोमतीनगर उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि राहगीरों ने मंगलवार रात नौ बजे एक किशोरी को जुगौली रेलवे क्रॉसिंग के पास रोते देखा और पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। मौके पर पहुंची क्विक रिएक्शन टीम ने पूछताछ करनी चाही लेकिन वह कुछ बता नहीं पा रही थी।
विक्षिप्त नजर आने पर सामाजिक संस्था निर्वाण से संपर्क किया। संस्था के डॉ एसएस धपोला ने किशोरी को ढांढस बंधाकर जानकारी का प्रयास किया। कोई नतीजा न निकलने पर डॉ धपोला ने बुधवार को किशोरी से दुबारा बातचीत शुरू की तो ऐसा लगा कि वह आदमी से डर रही है।
इस पर उन्होंने संस्था की वार्डेन संगीता व शब्बो को तहकीकात का जिम्मा सौंपा। काफी प्रयास के बाद किशोरी ने जानकारी दी कि वह सीतापुर की रहने वाली है। सड़क पर जा रही थी कि एक ट्रक पर सवार युवक ने बुलाकर बैठा लिया। काफी देर बाद ट्रक सुनसान स्थान पर रोका।
युवक व उसके साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आपबीती सुनाने के दौरान फफक कर रो रही किशोरी ने कहा कि उसने दोनों के चंगुल से छूटने की काफी कोशिश की लेकिन वह मनमानी करते रहे।
इसके बाद कपड़े पहनने को कहा और एक जगह ट्रक से उतार कर चले गए। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का पता चलने पर डॉ एसएस धपोला ने एसओ गोमतीनगर को फोन करके जानकारी दी।
एसओ ने महिला कांस्टेबल की मदद से तहकीकात की। इसके बाद डॉ धपोला की तहरीर पर दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज करके किशोरी को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।
एसओ उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि किशोरी अपना पूरा पता नहीं बता पा रही है। परिवार की जानकारी के लिए सीतापुर पुलिस को किशोरी का हुलिया नोट कराया गया है।