बाराबंकी के मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर 16.50 लाख रुपये की ठगी की बदायूं पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और संबंधित लोगों के कॉल डिटेल खंगालेगी। कंपनियों से कई मोबाइल नंबरों का ब्यौरा मांगा गया है।
बदायूं पुलिस ने कॉलेज के चेयरमैन डॉ. केएन सिंह, कर्मचारी रमेश मिश्रा, ठग अमित उर्फ मनोज, मधुसूदन उर्फ लाले और आशीष के खिलाफ दर्ज जालसाजी के मुकदमे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने वाले राजीव पाठक से कॉलेज कैंपस में लेनदेन की वीडियो क्लिप की सीडी, आरोपियों व मेयो कॉलेज के फोन व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा है।
यहां 25 लाख में बिकती है MBBS की सीट
इसके साथ बदायूं में रहने वाले आरोपी मधुसूदन उर्फ लाले की तलाश में दबिश भी दी। विवेचक का कहना है कि ठगी के आरोपियों की पहली कड़ी मधुसूदन है।
उसने एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर राजीव पाठक के बेटे प्रशांत को कानपुर के आशीष व अमित से मिलवाया था। इन दोनों ने मेयो कॉलेज के रमेश मिश्रा से उनकी मुलाकात कराई।
प्रथम दृष्ट्या ऐसा लग रहा है कि अमित उर्फ मनोज के तार मेयो कॉलेज के रमेश मिश्रा से जुड़े हैं और उसने सूबे में नेटवर्क फैला रखा है। कॉल डिटेल के साथ अन्य साक्ष्य एकत्र करके गिरोह का भंडाफोड़ किया जाएगा।
केबिन में उड़ेले थे नोटों के बंडल
राजीव पाठक ने विवेचक को जानकारी दी है कि अमित के निर्देश पर वह 16.50 लाख रुपये के तीन पैकेट बनाकर ले गया था।
इनमें दो पैकेटों में तीन-तीन लाख और तीसरे में 10.50 लाख रुपये थे। इनमें एक हजार के नोटों की पांच गड्डी, पांच सौ के नोटों की 21 और 100 के नोटों की 10 गड्डियां थीं।
यानी कुल 36 गड्डियों से भरा बैग लेकर कॉलेज के एडमिशन सेल में गए थे। अमित ने तीन-तीन लाख के दो पैकेट बाहर बैठे अपने साथी को पकड़ाए और 10.50 लाख रुपये से भरा बैग लेकर रमेश मिश्रा की केबिन में पहुंचा।
उनके सामने नोटों के बंडल उड़ेले और खाली बैग लेकर निकला। रमेश मिश्रा ने अमित को रकम देने के बारे में राजीव को कहा था। ऐसे में उसका खुद को अनभिज्ञ बताना फिलहाल गलत नजर आ रहा है।
जल्द ही कॉलेज पहुंचेगी बदायूं पुलिस
विवेचक रामशरण पांडेय का कहना है कि बयान वादी व साक्ष्य जुटाने के लिए कागजी कार्यवाही पूरी करके मेयो कॉलेज में पड़ताल की जाएगी।
घटनास्थल व सीसीटीवी फुटेज के निरीक्षण के साथ जालसाजी के आरोपी डॉ. केएन सिंह एवं रमेश मिश्रा से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस इस पर भी पूछताछ करेगी कि आखिर 16.50 लाख रुपये की ठगी की शिकायत मिलने के बाद चेयरमैन केएन सिंह ने क्या कार्रवाई की? अन्य लोगों से भी ठगी की शिकायतों कोे क्यों नजरअंदाज किया गया?