राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की 63वीं बटालियन के इंस्ट्रक्टर पर एक छात्रा ने छेड़खानी का आरोप लगाया है।
पीड़ित का कहना है कि यह घटना 7 अक्तूबर को उस समय हुई, जब इंस्ट्रक्टर उसे बाइक से एलयू तक छोड़ने आया था।
फिलहाल एलयू प्रशासन ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है।
वहीं, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी को 63वीं बटालियन से हटा दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जिस छात्रा ने आरोप लगाया है, वह एनसीसी के कैंप में किसी कैडेट से मिलने जाती थी और जांच में अगर इंस्ट्रक्टर दोषी पाया गया तो उस पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जाएगी।
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बीते 7 अक्तूबर को जेल रोड पर स्थित संपूर्णानंद होमगार्ड्स मुख्यालय के ग्राउंड पर एनसीसी शिविर चल रहा था।
शिविर में अक्सर आने वाली एलयू की एक छात्रा ने शाम 4:30 बजे वहां से गुजर रहे इंस्ट्रक्टर से लिफ्ट मांग ली और विश्वविद्यालय तक छोड़ने को कहा।
छात्रा ने आरोप लगाया है कि बीच रास्ते में इंस्ट्रक्टर ने उससे छेड़खानी की। मामला लविवि प्रशासन तक पहुंचा तो इसकी रिपोर्ट एनसीसी ग्रुप मुख्यालय को भेज दी गई।
इसके बाद आरोपी को एलयू में स्थित 63वीं बटालियन के कैंप से हटा दिया गया। इस बारे में एनसीसी की 63वीं बटालियन के कमांडिंग अधिकारी कर्नल पीके चौधरी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने ज्यादा कुछ बताने से इन्कार कर दिया। वहीं, एनसीसी लखनऊ के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर शिशिर पांडेय का कहना है कि इंस्ट्रक्टर की पोस्टिंग आ गई है, इसलिए वह अपनी नई तैनाती स्थल पर पहुंच गया है।
छात्रा की शिकायत मिली है और इस प्रकरण की गंभीर रूप से जांच चल रही है। छात्रा से मिलने के लिए कर्नल पीके चौधरी को भेजा गया था। यदि जरूरत पड़ी तो इंस्ट्रक्टर को लखनऊ बुलाया जाएगा।
हालांकि छात्रा एनसीसी कैडेट नहीं है। वह शिविर में क्यों जाती थी और जो आरोप लगे हैं, क्या वास्तव में ऐसा हुआ है इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। यदि आरोप साबित हुए तो इंस्ट्रक्टर का कोर्ट मार्शल किया जाएगा।