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छात्रा को एमबीबीएस में दाखिले का झांसा दे लाखों रुपये ऐंठे, कर्ज में डूब गया पूरा परिवार

Fri, 21 Dec 2018 02:28 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अपने माता पिता के साथ छात्रा - फोटो : amar ujala
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जालसाजों ने मध्य प्रदेश की एक छात्रा से मोबाइल पर संपर्क बनाया। उसे एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर लखनऊ के हजरतगंज में सीबीआई दफ्तर के पास बुलाया और सात लाख रुपये ठग लिए। बेटी को डॉक्टर बनाने का ख्वाब देख रही मां ने अपने गहने बेच डाले और पंक्चर जोड़ने का काम करने वाले पिता ने मकान गिरवी रखा था। ठगी के कारण कर्ज में डूबे परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के शिविर कार्यालय में गुहार लगाई है। 
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मध्य प्रदेश के नूतननगर खरगोन की हर्षा यादव ने बताया कि पिता केशव प्रसाद वाहनों के पंचर बनाकर घर का खर्च चलाते हैं। एक सिंतबर को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल की।खुद को मेरठ निवासी अनिल यादव बताते हुए बीडीएस में दाखिले की बात चलाई।

हर्षा और प्रगति ने इन्कार करते हुए कहा कि ग्वालियर के महाराणा प्रताप कॉलेज में बीडीएस का दाखिला हो रहा था लेकिन वह एमबीबीएस करना चाहती है। इस पर अनिल ने दीपक गौतम नामक व्यक्ति से संपर्क करा दिया।
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देवरिया के गांव चरियाव के रहने वाले दीपक ने एमबीबीएस में दाखिले का आश्वासन देते हुए प्रगति को शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ हजरतगंज में सीबीआई दफ्तर के पास पद्माकर भवन में बुलाया। दोनों बहनें अपने माता-पिता संग चार सितंबर को हजरतगंज पहुंचीं।
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नेपाल के नोबेल कॉलेज का फर्जी कॉल लेटर दिया

अपनी माता के साथ छात्रा - फोटो : amar ujala
दीपक ने 18 लाख रुपये का खर्च बताया। काफी देर मंत्रणा के बाद 15 लाख में बात तय हुई। दीपक ने 50 हजार रुपये नकद जमा कराकर 8-10 दिन में कॉलेज से कॉल लेटर जारी कराने का वादा किया। इस दौरान अनिल यादव दोनों बहनों से फोन पर संपर्क बनाए दीपक की तारीफ करता रहा।

हफ्ता भर बाद दीपक ने पहले साल की फीस के नाम पर खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर कराए। इसके बाद दाखिले व हॉस्टल आदि का झांसा देकर चार लाख रुपये और जमा करा लिए। दीपक ने नेपाल के नोबेल कॉलेज का फर्जी कॉल लेटर भेज दिया।

छानबीन में पता चला कि कॉलेज की मान्यता निरस्त हो चुकी है। ठगी का अहसास होने पर केशव प्रसाद को पसीना छूटा। वह चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़े। पत्नी व बेटी ने किसी तरह उन्हें संभाला। जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार ने उन्हें ढांढस बांधते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। 
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