जालसाजों ने मध्य प्रदेश की एक छात्रा से मोबाइल पर संपर्क बनाया। उसे एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर लखनऊ के हजरतगंज में सीबीआई दफ्तर के पास बुलाया और सात लाख रुपये ठग लिए। बेटी को डॉक्टर बनाने का ख्वाब देख रही मां ने अपने गहने बेच डाले और पंक्चर जोड़ने का काम करने वाले पिता ने मकान गिरवी रखा था। ठगी के कारण कर्ज में डूबे परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के शिविर कार्यालय में गुहार लगाई है।
मध्य प्रदेश के नूतननगर खरगोन की हर्षा यादव ने बताया कि पिता केशव प्रसाद वाहनों के पंचर बनाकर घर का खर्च चलाते हैं। एक सिंतबर को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल की।खुद को मेरठ निवासी अनिल यादव बताते हुए बीडीएस में दाखिले की बात चलाई।
हर्षा और प्रगति ने इन्कार करते हुए कहा कि ग्वालियर के महाराणा प्रताप कॉलेज में बीडीएस का दाखिला हो रहा था लेकिन वह एमबीबीएस करना चाहती है। इस पर अनिल ने दीपक गौतम नामक व्यक्ति से संपर्क करा दिया।
देवरिया के गांव चरियाव के रहने वाले दीपक ने एमबीबीएस में दाखिले का आश्वासन देते हुए प्रगति को शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ हजरतगंज में सीबीआई दफ्तर के पास पद्माकर भवन में बुलाया। दोनों बहनें अपने माता-पिता संग चार सितंबर को हजरतगंज पहुंचीं।