साल भर में रकम तिगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों ठगने वाले स्माइलटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लि. के संचालक विनोद चौरसिया को निवेशकों ने शनिवार देर रात पकड़कर पीजीआई थाने को सौंप दिया।
निवेशकों ने उसे फीनिक्स मॉल के पास पकड़ा। उनका आरोप है कि विनोद ऑनलाइन नेटवर्किंग के बहाने सूबे के कई जिलों के निवेशकों की चेन बनाकर लोगों को झांसा देता था।
इस बीच, संचालक के पकड़े जाने पर उसके समर्थकों ने निवेशकों को रकम वापस दिलाने का आश्वासन देकर मामला रफा-दफा कराने की कोशिश शुरू कर दी है।
एसओ पीजीआई का कहना है कि निवेशकों ने देर रात तक कोई तहरीर नहीं दी है। स्माइलटेक पीजीआई थाना क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी से संचालित होता है।
पुलिस के मुताबिक गाजीपुर के नारायणदत्त पांडेय, जौनपुर के शिवशंकर समेत विभिन्न जिलों के 20-22 लोगों ने कृष्णानगर निवासी विनोद को पुलिस के हवाले किया।
नारायण ने सवा लाख रुपये जमा किए थे। इसी तरह अन्य निवेशकों ने एक से पांच लाख तक जमा किए। ये सभी अधिक मुनाफा कमाने के लिए अपने परिचितों को ग्रुप से जोड़कर चेन बना रहे थे।
जब मुनाफे की रकम खाते में ट्रांसफर करने की बात आई तो विनोद अंडरग्राउंड हो गया था।
भोजपुरी फिल्मों से हर्बल कंपनी तक कई गोरखधंधे
विनोद चौरसिया ने रियल एस्टेट और प्लाटिंग से भोजपुरी फिल्मों का निर्माण, विज्ञापन फिल्में बनाने और हर्बल उत्पादों की कंपनी का मायाजाल फैला रखा था।
वेबसाइट में उसने बिजनेस के कई आकर्षक प्लान की जानकारी दी है। उसका दावा था कि देश का हर टॉप लीडर उससे जुड़ा है। वेबसाइट पर उसने अपनी कंपनी का ऑफिस लखनऊ में बताया है।
वेबसाइट के मुताबिक कंपनी 2012 से काम कर रही है। पीजीआई पुलिस के मुताबिक उसने लोगों को घर बैठे गारंटीड इनकम का झांसा देने वाले कई प्लान बताकर लाखों रुपयों की ठगी की है।
उसने अपने प्लान में इनवेस्ट करने पर रसीद और पक्का बिल देने के साथ ही 20,000 रुपये तक के डिस्काउंट कूपन देने की भी बात कही है।
विनोद ने ‘धरम युद्ध’ के नाम से भोजपुरी और ‘बाबा रंगीला’ के नाम से हिंदी फिल्म भी बनाने की जानकारी दी है। स्माइल केयर हर्बल के नाम से वह हर्बल उत्पाद बनाने की कंपनी भी चलाने का दावा करता था।
उसका कहना था कि कंपनी बड़े विजन के साथ आई है और कंपनी का हेड ऑफिस कभी भी विजिट किया जा सकता है।