अलीगंज इलाके में एक पूर्व डीआईजी के 52 साल के बेटे की मंगलवार देररात उसी के कमरे में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पेट पर आठ और गर्दन पर तीन जख्म के बावजूद परिवारीजनों ने पंचनामा में खुदकुशी बताई।
पुलिस ने पंचों की राय पर संदेह जताकर पोस्टमार्टम कराया और डॉक्टरों ने हत्या की पुष्टि कर दी। अफसरों ने अलीगंज पुलिस को गुत्थी सुलझाने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक, अलीगंज के सेक्टर-बी में रहने वाले ज्ञानेंद्र कुमार (52) को मंगलवार देर रात उनके भतीजे संदीप ने कमरे में फर्श पर खून से लथपथ पड़ा देखकर शोर मचाया। इस पर ज्ञानेंद्र के भाई राजेंद्र व परिवार के अन्य लोग दौड़े। ज्ञानेंद्र को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राजेंद्र ने पुलिस को जानकारी दी कि उनके पिता पूर्व डीआईजी वासुदेव लाल और मां की मौत हो चुकी है। विक्षिप्त ज्ञानेंद्र की शादी नहीं हुई थी। तीन साल से उसका इलाज चल रहा था। कुछ दिनों से हालत ज्यादा खराब थी। राजेंद्र ने कहा कि दिमागी संतुलन गड़बड़ होने की वजह से ज्ञानेंद्र ने खुद को चाकू से गोद डाला और मौत हो गई।