सचिवालय के अनुसेवक को 12 लाख रुपये का लकी ड्रा निकलने का झांसा देकर हजारों रुपये ठग लिए गए।
अनुसेवक शिकायत लेकर गुडंबा थाना पहुंचा, लेकिन पुलिस ने टरका दिया। पीड़ित ने प्रमुख सचिव गृह को पूरा मामला बताया,जिस पर उन्होंने एसएसपी प्रवीण कुमार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
एसएसपी के आदेश पर हजरतगंज में बिहार और कोलकाता के छह लोगों के खिलाफ ठगी की एफआईआर दर्ज की गई है।
सचिवालय के नवीन भवन उत्तर प्रदेश में वित्त एवं व्यय नियंत्रण अनुभाग में अनुसेवक राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नवंबर में उनके पास पाकिस्तान के नंबर से कॉल आई।
फोन करने वाले ने बिष्ट के मोबाइल नंबर को लकी ड्रा में पहला पुरस्कार मिलने की जानकारी दी। बकौल बिष्ट,फोन करने वाले ने 12 लाख रुपये जीतने की जानकारी दी। शुरू में तो बिष्ट ने फोन करने वाले को टाल दिया, 15 दिन बाद फिर फोन आया।
बातों में फंसाकर इंकम टैक्स के रूप में 12,200 रुपये अकाउंट में जमा करने पर पुरस्कार राशि भेजने की बात कही। बिष्ट ने रुपये अकाउंट में जमा करा दिए।
इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर रकम ऐंठनी शुरू की। कुल 87,000 रुपये जमा करने के बावजूद ईनाम की राशि नहीं मिली।
बीते महीने ठगों ने मिठाई के नाम पर तीन हजार रुपये मांगे। खुद के साथ हो रहा खेल समझ में आने पर शिकायत लेकर गुडंबा थाना गए लेकिन पुलिस ने टरका दिया।
हजरतगंज सीओ को भी समस्या बताने के बावजूद नतीजा सिफर रही रहा। इसके बाद बिष्ट ने प्रमुख सचिव गृह से संपर्क किया।
प्रमुख सचिव गृह ने एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज हो सकी। बिष्ट ने बताया कि खुद को लकी ड्रा वाली कंपनी का एमडी बताते हुए राजकुमार नामक व्यक्ति फोन पर बात करता था।
बिष्ट ने बिहार के जिरादेई निवासी मनोहर राम, नई बस्ती गोपालपुर कोलकाता के एसके सब्बीर, चन्नापतिया बिहार के अमजद अली, नगामठिया बिहार के तनवीर अंसारी और ग्रीनवैली बंगाल के पंगल पोटा को भी आरोपी बनाया है। जिस बैंक खाते में रुपया जमा किए,उसकी जांच में ये नाम सामने आए हैं।