जालसाजों ने व्यापारियों को ठगी का शिकार बनाने के लिए एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी के नाम से ‘रेडी रिचार्ज’ स्कीम का इश्तहार छपवाया। झांसे में आए लोगों से खाते में रकम जमा कराई।
इसके बाद सिक्योरिटी जब्त होने का ई-मेल कर दिया। ठगी का शिकार बने अलीगढ़ के एक व्यापारी ने लखनऊ आकर जानकारी की। पता चला कि कंपनी का कोई ऑफिस ही नहीं था।
अलीगढ़ के कोटाबाग कंपाउंड कंपनीबाग निवासी व्यवसायी अजय कुमार जैन ने एक अखबार में ‘रेडी रिचार्ज’ कंपनी का विज्ञापन पढ़ा। एक ही सिमकार्ड से विभिन्न कंपनियों के सिमकार्ड रिचार्ज की सुविधा पर अजय ने विज्ञापन में छपा नंबर डायल किया।
विवेक नामक व्यक्ति ने कंपनी के नियम व शर्तों के साथ लुभावनी योजना समझाई। साथ में बताया कि कंपनी कर्मचारी रखने के लिए चार हजार रुपये मासिक भी देगी।
झांसे में आए अजय ने 25 जुलाई को सिक्योरिटी के 30 हजार रुपये चेक के जरिए जमा कर दिए। सिक्योरिटी जमा करने के दो महीने बाद भी कंपनी ने न तो कर्मचारी के वेतन के चार हजार रुपये दिए और न ही अन्य सुविधाएं।
अलबत्ता अजय को ई-मेल भेजा कि तीन महीने काम न करने पर सिक्योरिटी जब्त कर ली जाएगी। हैरत में पड़े अजय ने नंबर डायल किए। फोन रिसीव न होने पर मंगलवार सुबह लखनऊ पहुंचा।
स्थानीय व्यापारियों की मदद से पॉलीटेक्निक चौराहा के पास कंपनी के पते पर पहुंचा। पता चला कि वहां न तो कोई कंपनी है और न ही कभी थी। ठगी का अहसास होने पर अजय ने विवेक को दूसरे नंबर से फोन किया।
खुद को हाथरस का व्यापारी बताकर एजेंसी लेने के बहाने विवेक व उसके साथी अभिनव को बुलाया। दोनों को नाका कोतवाली ले जाकर मामले की शिकायत की है। इंस्पेक्टर नाका विजय प्रकाश द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है।