गाजीपुर पुलिस ने सोमवार को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ कर पॉलीटेक्निक चौराहे से मास्टर माइंड समेत तीन को दबोचा है।
मुख्य आरोपी सिक्योरिटी एजेंसी का मालिक बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके पास से 15 हजार रुपये समेत छह मोबाइल व नियुक्ति पत्र बरामद किए हैं।
एसओ गाजीपुर नोवेंद्र सिंह सिरोही के मुताबिक कृष्णानगर के स्नेहनगर निवासी रवींद्र पांडेय हर्ष शर्मा व एक अन्य ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की थी।
पुलिस को दी तहरीर में पीड़ितों ने बताया था कि मुंशी पुलिया के ओम प्लाजा के पास साईं सिक्योरिटी एजेंसी है जिसे कृष्णानगर निवासी अनुराग विश्वकर्मा चलता है।
आरोप है कि एजेंसी के सुपरवाइजर संतोष राय व अवधेश तिवारी ने नौकरी के नाम पर 50-50 हजार रुपये ले लिए। इसके साथ ही उन्हें नियुक्ति पत्र भी थमा दिया।
ऑफिस पहुंचने पर ताला लटका मिला। ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ितों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश में जुटी पुलिस ने तीनों आरोपियों को पॉलीटेक्निक चौराहे से दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सिक्योरिटी एजेंसी में नौकरी दिलाने व टॉवर लगवाने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाते थे।
एसओ का कहना है कि अभी तक सिर्फ तीन लोग सामने आए हैं। जबकि जालसाज अब तक 100 से अधिक लोगों को चूना लगा चुके हैं। जांच की जा रही है पीड़ित सामने आने पर शिकायत विवेचना में शामिल की जाएगी।
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