खबर लखनऊ की पुलिस को कटघरे में खड़ी करने वाली है। 2006 में 13 साल के नीरज की लाश मिली। नीरज के गरीब पिता शत्रुघ्न ने बेटे की हत्या का आरोप लगाया तो गोमतीनगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले को हादसा बताकर रफा-दफा कर दिया। एक गरीब चायवाला सिर्फ गुहार ही लगाता रहा। हार मानकार उसने राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आखिरकार 10 साल तक नीरज की मौत को छिपाने वाली गोमतीनगर पुलिस ने आयोग की सख्ती पर हत्या के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आजमगढ़ के जीयनपुर में भारतीय स्टेट बैंक के सामने चाय की दुकान लगाने वाले शत्रुघभन ने बेटे की मौत की पूरी कहानी बताई- मऊ के कोपागंज के सत्यसेवा डिग्री कॉलेज के अध्यापक विनोद कुमार राय मेरे बेटे नीरज को पढ़ाने-लिखने के नाम पर अपने साथ ले गए।
कुछ दिन बाद नीरज को अपने ससुराल लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विवेकखंड भेज दिया। तब मैं 16 सितंबर, 2006 को नीरज को लेने लखनऊ पहुंचा। मेरा बेटा सहमा और घबराया हुआ था।
पुलिस ने कहा, ट्रेन से कटने से हुई मौत
उसने बताया कि घर पर उससे झाड़ू-पोछा कराया जाता है। मैं विनोद के ससुरालवालों से नीरज को घर ले जाने की बात कहकर बालू अड्डा निवासी दोस्त अविनाश मौर्या के पास चला गया।
18 सितंबर को सुबह विनोद और एक अन्य व्यक्ति बालू अड्डा पर आये और नीरज के गायब होने की सूचना दी। नीरज को तलाशते हुए हम लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उसका शव मिला। पुलिस के अनुसार नीरज की मौत ट्रेन से कटने से हुई।
मैंने पुलिस से शिकायत की कि विनोद राय और उनके ससुरालवालों ने उसकी हत्या की है, लेकिन पुलिस ने टरका दिया। तब मैं मानवाधिकार आयोग पहुंचा। वहां डिप्टी एसपी रहे आईपीएस अधिकारी सुभाष चंद्र दुबे ने जांच की और इसे हादसा बताते हुए रिपोर्ट सौंप दी।
तब मैंने वर्ष 2008 में राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग, नई दिल्ली को प्रार्थनापत्र दिया। अब जाकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
पंचनामा रिपोर्ट मांगी तो उड़े पुलिस के होश
बाल आयोग ने बीते सप्ताह गोमतीनगर पुलिस से नीरज की पंचनामा रिपोर्ट, गवाह और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य जानकारियां मांगी तो उसके होश उड़ गए।
पुलिस ने आनन-फानन में शत्रुघ्न से संपर्क किया और उसकी तहरीर पर विनोद राय, वर्तमान में लंदन में रह रहे उसके ससुर लालसा राय, साली उर्मिला, निर्मला और पार्वती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर मामले की छानबीन की जा रही है।