चौक इलाके में साहूकार मनोज रस्तोगी (48) ने रविवार सुबह इकलौते बेटे रोहित (24) संग खुद को गोली से उड़ा दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मनोज ने 25 लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर बेटे की किडनी ट्रांसप्लांट कराकर जान बचाई थी।
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बेटे की बीमारी की वजह से मनी लॉन्ड्रिंग का उसका धंधा चौपट हो गया था। इससे वह डिप्रेशन का शिकार हो गया था। बेटे की जान लेकर खुदकुशी करने के पीछे यही वजह मानी जा रही है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि चौक के राजा बाजार स्थित सीता भवन में रहने वाले मनोज की पत्नी ऋतु मॉर्निंग वॉक पर गई थीं। सुबह करीब 6.30 बजे मनोज ने बेडरूम का दरवाजा बंद करने के बाद चादर ओढ़े गहरी नींद में सो रहे बेटे रोहित पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ दो गोलियां दाग दीं।
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एक गोली दाहिनी कनपटी व दूसरी जबड़े पर लगी। इसके बाद रिवॉल्वर कनपटी से सटाकर खुद को गोली मार ली। ऋतु मॉर्निंग वॉक से लौटीं और दरवाजा नहीं खुलने पर ऋतु ने शोर मचाया।
बेडरूम की छानबीन करने पर नहीं मिला सुसाइड नोट
खून से सना बिस्तर पर जमीन पर खून के निशान
- फोटो : amar ujala
प्रथम तल पर रहने वाले जेठ रवि रस्तोगी के बेटे अंकित ने दरवाजे के ग्रिल का शीशा तोड़ा तो रोहित का खून से लथपथ शव पड़ा दिखा। दरवाजा तोड़ा तो फर्श पर मनोज रस्तोगी के शव के पास उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी नजर आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर चौक सुधाकर पांडेय ने बताया कि बेडरूम की छानबीन में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
बेटे की दोनों किडनी हो गई थी खराब
ढाई साल से परेशानी से घिरा था मनोज
एसएसपी के मुताबिक ऋतु ने बताया कि पति मनोज का मनी लॉन्ड्रिंग का धंधा अच्छा चलता था। बेटे रोहित ने तीन साल पहले एमबीए पास किया था। इसके बाद बीमारी ने जकड़ा। पता चला कि उसके दोनों गुर्दे खराब हैं।
मनोज ने रोहित को कोलकाता के बड़े अस्पताल में भर्ती कराकर किडनी ट्रांसप्लांट कराई। इसमें 25 लाख से अधिक का खर्च आया। करीब ढाई साल कोलकाता की दौड़ लगानी पड़ी। छह महीने पहले रोहित को घर ले आए। इलाज जारी था। लंबे समय तक कोलकाता में रहने की वजह से कारोबार चौपट हो गया। मनोज से जुड़े अनेक लोग दूसरे साहूकारों के संपर्क में चले गए थे।
डिप्रेशन में खाने लगा नींद की गोलियां
घटना के बाद घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
हजरतगंज में दवा की दुकान चलाने वाले बड़े भाई रवि रस्तोगी ने एसएसपी को जानकारी दी कि मनोज तंगहाली का शिकार नहीं था, बल्कि कारोबार चौपट होने की चिंता में डिप्रेशन का शिकार हो गया था।
तीन-चार महीने पहले उसने दवा के थोक व्यापार का इरादा बनाया। इसके लिए प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी थी। आमदनी बंद होने और खर्च जारी रहने से उसकी चिंता बढ़ती जा रही थी। इस बीच उसने नींद की गोलियां खानी शुरू कर दी थीं।
चाय बनाकर निकली थी ऋतु
ऋतु ने बताया कि हाई ब्लडप्रेशर के चलते महीना भर से उसने मॉर्निंग वॉक शुरू की थी। रोजाना की तरह रविवार सुबह भी पति के लिए चाय बनाई। मनोज ने सुबह 6:15 बजे ग्राउंड फ्लोर पर जाकर चैनल का ताला खोला। इसके बाद ऋतु पड़ोस में रहने वाली अपनी भाभी आभा रस्तोगी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकल गईं।
करीब डेढ़ घंटे बाद लौटीं तो बेडरूम का दरवाजा भीतर से बंद मिला। चाय का कप खाली था। माना जा रहा है कि चाय पीने के दौरान मनोज अपनी परेशानी के बारे में सोचता रहा और वारदात अंजाम दे डाली।
बिलख रही ऋतु बोली कि रोहित ने दोस्तों के साथ नैनीताल जाने की तैयारी की थी। डॉक्टर ने भी उसे स्वस्थ बताते हुए माहौल बदलने के लिए घूमने-फिरने की सलाह दी थी। उसने अगले हफ्ते का कार्यक्रम बनाया था।
गहन छानबीन के आदेश
बेटे के स्वस्थ होने के बाद मनोज के ऐसा कदम उठाने को लेकर रिश्तेदारों व आसपास के लोगों को लेनदेन के विवाद व रंजिश का शक जताते देख एसएसपी ने इंस्पेक्टर चौक को गहन छानबीन के आदेश दिए।
पता लगाया जा रहा है कि मनोज से किन लोगों का लेनदेन था और उसकी मोटी रकम किसी के पास दबी तो नहीं। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की जाएगी।