लखनऊ नाका के आर्यनगर में कलियुगी पिता द्वारा डेढ़ साल की मासूम बेटी का गला घोंटकर मार डालने की दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि वह बेटी पैदा होने से अक्सर नाराज रहता था और मारता-पीटता भी था। बृहस्पतिवार सुबह पत्नी के काम पर चले जाने के बाद पिता ने मासूम के मुंह में कपड़ा ठूंसकर मार डाला।
इतना ही नहीं घरवालों ने बिना पुलिस को बताए शव कब्रिस्तान में दफना दिया। वहीं, जब मोहल्लेवालों को घटना का पता चला तो उन्होंने आरोपी बाप को पीटा और इसके बाद वह फरार हो गया। दोपहर करीब 12 बजे कोमल लौटी तो वापस आई तो देखा कि बेटी अर्चना में कोई हरकत न देख चीख पड़ी।
आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। आनन-फानन उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन बिना किसी को सूचना दिए ही शव लेकर आर्य नगर पहुंच गए। कुछ देर बाद उसे पास के कब्रिस्तान में दफन कर दिया। कोमल के मुताबिक, उसे जरा भी संदेह नहीं था कि सीताराम उसकी हत्या कर देगा। नहीं तो वह उसे हमेशा अपने साथ लेकर ही जाती।
मूलरूप से गोंडा निवासी कोमल अपने परिवार के साथ आर्यनगर में रहती है। परिवार में पति सीताराम, चार साल का बेटा तूफानी और डेढ़ साल की बेटी अर्चना थी। घर चलाने के लिए कोमल घरों में बर्तन-चौका करती है। बृहस्पतिवार को भी वह रोज की तरह सुबह काम पर चली गई। घर पर पति सीताराम और दोनों बच्चे सो रहे थे।
पुलिस तलाश रही परिवार
UP Police
आर्यनगर निवासियों का कहना है कि सीताराम नशे का लती था। अक्सर मार-पिटाई करता था। बृहस्पतिवार को भी सुबह अर्चना के रोने की आवाज सुनाई दी थी। इस पर लोगों ने विरोध किया तो वह गालियां बकने लगा। इस पर लोगों ने उसे पीट दिया। इसके बाद सीताराम फरार हो गया।
मोहल्लेवालों का कहना है कि चार साल का मासूम तूफानी अर्चना को उठाने की कोशिश करता रहा और जब वह नहीं उठी तो रोने लगा। तूफानी के रोने की आवाज सुनकर वे लोग दोबारा कोमल के घर गए और देखा की अर्चना बेहोश पड़ी थी, पर तब तक सीताराम भाग चुका था। इस बीच कोमल भी आ गई।
मोहल्ले के लोगों की माने अर्चना के गले पर कसे का निशान था। इंस्पेक्टर नाका परशुराम सिंह ने बताया कि रात करीब आठ बजे वारदात की सूचना मिली। पुलिस टीम को पड़ताल केलिए आर्यनगर व मोतीनगर भेजा था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारा परिवार कहीं और चला गया। उनकी तलाश की जा रही है।