डीसीपी मध्य ने बताया कि अटल के पिता रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। इससे अटल को चारबाग स्टेशन के पीछे उत्तर रेलवे की जर्जर पड़ी एक इमारत किराए लेने में मदद मिली। इस इमारत का किराया 20 हजार रुपये प्रति माह था। इसके बाद हिमांशु पांडेय की मदद से इस इमारत की मरम्मत कराकर उसमें फर्जी रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला गया। लेकिन रेलवे के अधिकारियों, आरपीएफ और जीआरपी तक को इसकी भनक नहीं लगी।
नौकरी की आस में ट्र्रेनिंग ले रहे थे 25-30 युवा
पुलिस के मुताबिक वर्तमान में इस फर्जी रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में लगभग 25-30 युवक प्रशिक्षण ले रहे थे। गैंग ने मोटी रकम वसूल कर उन्हें रेलवे में बड़ी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। सूत्रों का कहना है कि ठगी के शिकार हुए ये युवा जल्द ही धोखाधड़ी का रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।