शोहदों ने शुक्रवार को रिश्तेदार के साथ आम्रपाली वॉटर पार्क घूमने आई छात्राओं से छेड़खानी की।
विरोध पर हंगामा किया और पूरे परिवार को बंधक बनाए रखा। छात्राओं और उनके
रिश्तेदार के पैर छूने व गिड़गिड़ाने के बाद शोहदों ने उन्हें मुक्त किया।
इस दौरान पार्क के मैनेजर ने भी छात्राओं की मदद करने से इनकार कर दिया।
राजधानी के एक नर्सिंग होम संचालक की बेटी बृस्पतिवार को अपनी छोटी बहन और
लखीमपुर व रामपुर से आए हमउम्र रिश्तेदारों के साथ आम्रपॉली वॉटर पार्क गई
थी।
स्वीमिंग के दौरान क्षेत्र के 10-12 युवक आए पूल के चबूतरे पर बैठकर
अश्लील टिप्पणी करने लगे। छात्राओं के साथ रिश्तेदारों ने विरोध किया जिस
पर दोनों पक्ष में कहासुनी हो गई।
मामला तूल पकड़ता देख छात्राएं पार्क से
जाने लगीं तो शोहदे उन्हें घेरकर खड़े हो गए और उनसे अभद्रता करने लगे।
करीब एक घंटे तक शोहदे इन लोगों को बंधक बनाए रहे।
इसके बाद शोहदों ने
छात्राओं को पैर छूकर माफी मांगने की शर्त पर छोड़ने को कहा। मदद के लिए
छात्राएं पार्क के मैनेजर के पास गई।
मगर उसने भी शोहदों के कहने के
मुताबिक करने को कहा। डरी सहमी छात्राओं व उनके रिश्तेदारों ने शोहदों के
पैर छूकर माफी मांगी। उसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
पार्क से निकलकर छात्राओं ने पुलिस कंट्रोल रूम पर शिकायत की। सूचना पर
इंस्पेक्टर मलिहाबाद समेत तमाम पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। मगर, तब तक
शोहदे फरार हो गए।
पहले तो छात्राओं ने बदनामी का हवाला देकर तहरीर देने से
इन्कार कर दिया। लेकिन घर पहुंचकर उन्होंने अपनी मां को आपबीती सुनाई। घर
वालों ने लखीमपुर के रिश्तेदार की ओर से मलिहाबाद कोतवाली में तहरीर दी।
मलिहाबाद थाने के इंस्पेक्टर शेषमणि पाठक ने बताया कि छात्राओं के बयान के
आधार पर वॉटर पार्क के मैनेजर व कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है।
मामले की जांच की जा रही है। दूसरी ओर आम्रपॉली वॉटर पार्क के मैनेजर दीपक
कुमार का कहना है कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
आप से इसकी जानकारी मिल रही है। पार्क का प्रशासनिक मामला मैनेजर नागेंद्र कुमार देखते हैं।