छत्तीसगढ़ निवासी युवती ने पहले तो युवक पर शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया, लेकिन अदालत में बयान से मुकर गई।
अदालत ने युवती के बयान के आधार पर एमबीए के छात्र को रेप के आरोप से बरी कर दिया। द्वारका स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश योगेश खन्ना ने फैसले में कहा कि पीड़िता ने बयान में कहा है कि युवक ने उससे कभी भी विवाह का वादा नहीं किया था।
दोनों के बीच शारीरिक संबंध आपसी रजामंदी से बने थे, जिससे वह गर्भवती हो गई। युवती ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2011 में एमबीए करने के दौरान वे मिले थे।
इसी दौरान युवक ने उसे शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बना लिए, जब वह गर्भवती हो गई तो उसने विवाह से इंकार कर दिया।