लखनऊ में बंथरा से दो दिन से लापता कक्षा आठ के छात्र का शव बुधवार सुबह गांव के बाहर आम के बाग में पड़ा मिला। शव अर्धनग्न अवस्था में था। गले में कपड़ा लिपटा था। चेहरे पर चोट के निशान था और शव में कीड़े पड़ गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने दुष्कर्म की आशंका जताई है।
पुलिस ने छानबीन के बाद गांव के ही चंद्रशेखर को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के मुताबिक, बंथरा निवासी व टेंटहाउस में मजदूरी करने वाले युवक का बड़ा बेटा सोमवार दोपहर करीब एक बजे साइकिल से भटगांव में दंगल व मेला देखने निकला था।
देर शाम तक वह नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों ने बताया कि किशोर को आखिरी बार गांव के ही चंद्रशेखर कश्यप के साथ वादेखेड़ा गांव में देखा गया है। परिवारीजन चंद्रशेखर के घर पहुंचे और बच्चे के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह मजदूरी के बकाया रुपये लेने आया था।
रुपया लेकर वह कहां गया, इस बारे में चंद्रशेखर ने जानकारी से इनकार कर दिया। छात्र का कुछ पता न चलने पर परिवारीजनों ने मंगलवार को चंद्रशेखर पर उसे गायब करने का शक जताते हुए तहरीर दी। इस दौरान चंद्रशेखर छात्र के परिवारीजनों के साथ ही उसे तलाशने का नाटक करता रहा।
18 घंटे तक करता रहा गुमराह
डेमो
बंथरा थाना के प्रभारी निरीक्षक विद्यासागर पाल ने बताया कि चंद्रशेखर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन वह 18 घंटे तक गुमराह करता रहा। इस बीच बुधवार सुबह छात्र का शव मिल गया।पुलिस ने चंद्रशेखर से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कुबूली।
उसने बताया कि छात्र मजदूरी के बकाया रुपये लेने आया था। बहाने से छात्र को फुसलाकर वह आम के बाग में ले गया और दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध पर छात्र को पीटा तो उसने परिवारीजनों से शिकायत करने की धमकी दी।
इसके बाद चंद्रशेखर ने उसके चेहरे पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किए और काली साड़ी के टुकड़े से गला घाेंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि चंद्रशेखर विवाहित है, लेकिन उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया है। शराब और अन्य बुरी हरकतों के चलते परिवारीजनों ने उसे घर से अलग कर दिया है। वह मां के साथ अकेला रहता था।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छात्र की हत्या के बाद चंद्रशेखर उसकी साइकिल लेकर भाग गया। वह सरोजनीनगर के दरोगाखेड़ा निवसी फल विक्रेता प्रवीण मिश्रा के पास पहुंचा और उसे छात्र की साइकिल 300 रुपये में बेच दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फल विक्रेता के पास से साइकिल बरामद कर ली है। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
काम करने की मजदूरी मांगने गया था छात्र
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परिवारीजनों ने बताया कि किशोर से आरोपी चंद्रशेखर ने अपने खेत में काम कराया था। सोमवार को उसके स्कूल में जल्दी छुट्टी हो गई थी। वह घर लौट रहा था तभी चंद्रशेखर मिल गया। छात्र ने उससे मेला और दंगल देखने की बात कहते हुए बकाया मजदूरी मांगी।
इस पर चंद्रशेखर ने कहा कि जब वह तैयार होकर निकले तो घर से होता हुए जाए। घर आने पर उसे मजदूरी के बकाया रुपये दे दिए जाएंगे। छात्र उसके पास आया तो चंद्रशेखर गांव में एक व्यक्ति से बकाया रुपया लेने की बात कहते हुए उसके साथ चल पड़ा।
उसके पास पहुंचकर चंद्रशेखर ने रुपया मांगा, लेकिन उक्त व्यक्ति ने बाद में आने को कहा। इसके बाद चंद्रशेखर ने छात्र को अपनी जेब से 50 रुपये दिए और 50 रुपये की कच्ची शराब खरीदकर पी।