जेल से पेशी के लिए कचहरी लाए गए एक अपराधी ने शुक्रवार को हवालात से
निकलते ही सिपाही को धक्का मारा और चंपत हो गया।
वजीरगंज
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं सिपाही को निलंबित करने की कार्रवाई
की जा रही है।
एसओ वजीरगंज अभिनव सिंह
पुंडीर ने बताया कि 31 जुलाई 2011 को राजाजीपुरम के सुनील गुप्ता की पिस्टल
चुराने व अन्य आरोपों के चलते जेल में बंद आदित्य उर्फ विनय पांडेय को
शुक्रवार को एसीजेएम-7 की कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।
जेल से लाए
अन्य बंदियों के साथ आदित्य को कचहरी परिसर स्थित हवालात में बंद किया गया।
पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल बृजेश द्विवेदी ने दोपहर में उसे
मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए हवालात से निकाला और रजिस्टर पर
दस्तखत करके मुड़ा ही था कि आदित्य उसे धक्का मारकर भाग निकला।
बृजेश ने
अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से कचहरी में उसकी तलाश की। अन्य स्थानों पर भी
कुछ पता न चलने पर उसने वजीरगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। सिपाही के
खिलाफ भी मामला दर्ज करके उसके निलंबन के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट
भेजी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वर्ष
2011 में एक मामले में जेल में बंद सुनील गुप्ता से सीतापुर के संदना थाने
के गांव अंबाघाट निवासी आदित्य की दोस्ती हुई थी।
जेल से छूटने के बाद
आदित्य उसके घर पहुंचा और मौका मिलते ही उसकी लाइसेंसी पिस्टल लेकर चंपत हो
गया। इसके लगभग एक महीने बाद विकासनगर पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से
उसे गिरफ्तार किया था।
उसके कब्जे से पिस्टल के साथ 17 अगस्त 11 को महानगर
की एक ज्वैलरी शॉप से लूटी चेन भी बरामद हुई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि
आदित्य उर्फ विनय ने वर्ष 2005 में अपने पिता मुकुल विहारी पांडेय की हत्या
की थी। वर्ष 2006 में उसने चारबाग से एक गाड़ी बुक कराई और ड्राइवर की
हत्या करके गाड़ी लूट लिया था।