राजधानी में अपराध नहीं थम रहे हैं। चार दिन में छह हत्याएं हो चुकी हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर प्रॉपर्टी विवाद में बाप-बेटे ने लाइसेंसी बंदूक से सरेराह ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अपने भतीजे की हत्या कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज गया।
आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हत्यारों को दौड़ा लिया। हत्यारे हवा में असलहे लहराते हुए कार से भागे। हालांकि महुरा गांव की रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण कार छोड़कर खेत के रास्ते फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार कब्जे में ले लिया।
मृतक की पत्नी ने बाप-बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों को तलाशने के लिए दबिश दे रही है। एक टीम हसनगंज खदरा भेजी गई है। चार दिन में सिलसिलेवार छह हत्याओं से राजधानी पुलिस की नींद उड़ गई है।
एसओ गोसाईंगंज रामबाबू यादव के मुताबिक मो. फुरकान (35) पत्नी व चार बच्चों के साथ गोसाईंगंज के पस्तरा गांव में रहता था। दोपहर डेढ़ बजे फुरकान गांव के ही निर्माणाधीन बिसारत उल्ला दादा की मजार पर गया। वहां गांव के तमाम लोग मौजूद थे।
इसी बीच,फुरकान के हसनगंज खदरा निवासी फूफा तय्यब व उसका बेटा इमरान लाइसेंसी बंदूक व रिवॉल्वर से लैस होकर स्विफ्ट कार से पहुंचे। तय्यब अपने भाई काजी उर्फ छम्मू (मृत) की पत्नी शहिबुन के इलाज के बारे में बातचीत करने लगा।
इस दौरान तय्यब ने अपनी भाभी शहिबुन के सोने के कंगन बेचने के बारे में पूछा, जिस पर फुरकान ने बताया कि बुआ शहिबुन की तबीयत ज्यादा खराब थी। इलाज के लिए पैसे नहीं थे। उनके कहने पर कंगन बेचा गया। इस पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई।
मामला मारपीट तक पहुंच गया। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया। उस समय तो दोनों चले गए। मगर, जैसे ही फुरकान वहां से गया। आगे फूफा व उसके बेटे इमरान ने फुरकान को रोक लिया। दोनों में फिर से गाली-गलौज शुरू हो गई।
तय्यब ने कार से अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और दौड़ाकर फुरकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। तय्यब ने फुरकान पर तीन गोलियां दागीं।
दो गोली फुरकान के सीने पर और तीसरी गोली उसके सिर में जा धंसी। खून से लथपथ फुरकान जमीन पर गिर गया। मौके पर उसकी मौत हो गई।
फायरिंग से पूरा इलाका गूंज गया। शोर सुनकर लाठी-डंडे से लैस बड़ी संख्या में ग्रामीण आ गए। ग्रामीणों ने तय्यब व उसके बेटे को दौड़ा लिया।
इस पर इमरान ने रिवॉल्वर निकाल ली और हवा में असलहे लहराते हुए मौके से फरार हो गए। फुरकान के भाई शमीम की सूचना पर पुलिस ने हत्यारों का पीछा किया।
थोड़ी दूर भागने पर महुरा रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे फाटक बंद था जिसकी वजह से हत्यारे कार छोड़कर खेत के रास्ते बंदूक व रिवॉल्वर समेत फरार हो गए।
पुलिस ने रेलवे क्रासिंग के पास से कार कब्जे में ले ली है। फुरकान की पत्नी नर्गिस की तहरीर पर तय्यब व उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
यह थी वजह
फुरकान के पड़ोस में उसकी बुआ शहिबुन रहती हैं। शहिबुन के पति काजी उर्फ छम्मू का वर्ष 2009 में देहावसान हो चुका है। काजी का भाई व बिजली विभाग से रिटायर्ड तय्यब अपने बेटे इमरान के साथ हसनगंज के खदरा में रहता है।
भाई की मौत के बाद तय्यब ने एक वसीयत दिखाते हुए मृत भाई की प्रॉपर्टी पर दावा ठोंक दिया था, जिसका काजी की पत्नी शहिबुन ने विरोध करते हुए न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया। तभी से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था।
बुआ शहिबुन की देखरेख उसका भतीजा फुरकान कर रहा था। इधर कुछ दिनों से शहिबुन की तबीयत खराब चल रही थी। पैसे कम पड़ने पर फुरकान ने बुआ के सोने के कंगन बेच दिए थे और इलाज कराया था। इसी सिलसिले में बातचीत के लिए तय्यब अपने बेटे के साथ पस्तरा गांव गया था।