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छेड़छाड़ के विरोध पर हिस्ट्रीशीटर ने घोंपी थी बोतल

Tue, 06 May 2014 08:24 AM IST
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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आम्रपाली वाटर पार्क में रविवार दोपहर छेड़छाड़ का विरोध करने पर छात्रा के पेट में कोल्डड्रिंक की बोतल कैसरबाग के हिस्ट्रीशीटर ने घोंपी थी।
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मलिहाबाद पुलिस ने सोमवार को हिस्ट्रीशीटर समेत तीन को दबोच लिया है। मुख्य आरोपी एक सपा पार्षद का रिश्तेदार बताया जा रहा है जबकि उसका साथी हत्या का आरोपी है।

दोपहर बाद तीनों आरोपियों को मलिहाबाद कोर्ट में पेश किया,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आम्रपाली वाटर पार्क एक बार फिर चर्चा में है।

अब रविवार को नशे में धुत हिस्ट्रीशीटर ने साथियों के साथ छात्रा से अभद्रता की और विरोध पर कोल्डड्रिंक की बोतल तोड़कर पेट में घोंप दी।

दिनभर वारदात से इन्कार करने वाली पुलिस देर रात मामले की तूल पकड़ने के बाद सक्रिय हुई।

एसएसपी प्रवीण कुमार ने देर रात सीओ मलिहाबाद श्यामाकांत त्रिपाठी को घटनास्थल भेज कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

सीओ मलिहाबाद ने मौके पर पहुंचकर आम्रपाली के प्रबंधन तंत्र से पूरी जानकारी ली।

सीओ को बताया गया कि नशे में धुत मलिहाबाद के दो गुटों में भिड़ंत के दौरान कोल्डड्रिंक की बोतल चलीं थी।

इसी दौरान एक बोतल छात्रा के पेट में जा लगी। जानकारी पर संदेह के चलते सीओ ने वारदात में शामिल लोगों के नाम पता कर छापेमारी शुरू कराई।

देर रात मलिहाबाद के फैसल उर्फ सुहैल,रहमानखेड़ा निवासी असद एवं मलिहाबाद के गल्लामंडी निवासी जयद को पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई से खलबली मच गई।

आरोपियों की पैरवी के लिए कुछ ही देर में मलिहाबाद कोतवाली पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सीओ के अनुसार  फैसल हुसैनगंज के एक सपा पार्षद का रिश्तेदार है।
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हुसैनगंज व कैसरबाग कोतवाली में फैसल पर हत्या-लूट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। फैसल कैसरबाग कोतवाली का हिस्ट्रीशीट भी है।

वर्ष 2008 में फैसल ने कैंट के सदर में एक सर्राफा व्यवसायी की हत्या कर जेवरात लूटे थे।

उसके साथ पकड़े गए असद पर भी काकोरी थाने में हत्या कर साक्ष्य मिटाने का मुकदमा पंजीकृत है। जबकि जयद की कस्बे में मोबाइल शॉप है और वह फैसल का करीबी दोस्त है।
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मलिहाबाद पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर तीनों को एसडीएम मलिहाबाद नंदलाल सिंह के समक्ष पेश किया।

जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए एसडीएम ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

वाटर पार्क में खुलेआम छेड़छाड़ और विरोध पर जानलेवा हमले के आरोपियों का शांतिभंग में चालान सवाल खड़ा करता है। पुलिस कार्रवाई से स्पष्ट है कि आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है।

इंस्पेक्टर मलिहाबाद शेषमणि पाठक का कहना है कि काफी तलाश के बावजूद पीड़ित का पता न चलने से मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है।

जबकि तमाम मामलों में पीड़ित के सामने न आने पर पुलिस ही वादी बनती है।
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