फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस ने ही किया रेप, एक नहीं कई हैं मामले

Thu, 16 Apr 2015 03:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी में अपराधी नहीं पुलिस के हाथ में भी लोग सुरक्षित नहीं। यहां पुलिस के एक नहीं तीन ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं जिन्हें पढ़कर आपका खाकी वर्दी से भरोसा उठ जाएगा।
विज्ञापन


प्रतापगढ़ जनपद में तैनात एक सिपाही दस दिन पहले वह किशोरी को परिचित के कमरे पर ले गया। फिर अपने दो वर्दीधारी साथियों के साथ बलात्कार किया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात एक आरक्षी चार वर्ष पहले सुल्तानपुर जनपद के रामगंज पुलिस चौकी में तैनात था। वहां तैनाती के दौरान उसकी ड्यूटी त्रिसुड़ी इलाके में स्थित एक बैंक में सुरक्षा के लिए लगती थी।

तीन वर्ष पूर्व ड्यूटी के दौरान ही उसने एक किशोरी को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। शादी का झांसा देकर सिपाही ने उसके साथ शारीरिक संबंध भी बना लिया। दो वर्ष पहले उसका तबादला वाराणसी और फिर इलाहाबाद हो गया।
विज्ञापन

फोन से भी होती थी बातचीत

तबादले के बाद भी वह किशोरी से मिलता रहा। फोन से भी दोनों में बातचीत होती थी। करीब आठ माह बाद ही आरक्षी ने अपना तबादला प्रतापगढ़ में करा लिया।

आरोप है कि दस दिन पहले वह किशोरी को शादी का झांसा देकर रात करीब दस बजे शहर ले आया। अपने किसी परिचित के कमरे पर ले जाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए। कुछ देर में उसके दो वर्दीधारी साथी वहां पहुंचे और किशोरी की अस्मत लूटने की कोशिश करने लगे।
 
विरोध करने पर उसे पीटा और उसकी आबरू लूट ली। वह वहीं तड़पती रही। भोर में आरक्षी उसे चार पहिया वाहन से घर ले जाकर छोड़ आया।

कानपुर में थाने में हुआ गैंगरेप

वहीं बीते दिनों कानपुर में चोरी के आरोप में पकड़ी गई एक महिला ने ग्वालटोली थाने के पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया।

महिला का कहना है कि हिरासत के दौरान पुलिस कर्मी उसे थाने के कंप्यूटर रूम में ले गए। वहां सामूहिक दुष्कर्म किया।

ग्वालटोली चौराहे के पास रहने वाले रितेश गुप्ता प्राइवेट नौकरी करते हैं। इनके घर पर क्षेत्र की एक महिला घरेलू काम करती थी।

महिला ने एक दिन मौका पाकर उनके घर से 1.35 लाख के जेवर पार कर दिए। रितेश को 9 अप्रैल को ग्वालटोली थाने में महिला पर शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।

मह‌िला ने कुबूला गुनाह

पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। महिला ने अपना जुर्म कुबूल लिया। लिस ने महिला की निशानदेही पर ज्वैलर्स आशीष वर्मा एडवोकेट को भी गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोपहर बाद महिला और ज्वैलर्स दोनों को कोर्ट में पेश किया गया।

वहां से न्यायिक हिरासत में दोनों को जेल भेज दिया गया। इधर, आरोपी महिला के पति ने एसएसपी को प्रार्थना देकर आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पत्नी को गुरुवार (नौ अप्रैल) को पकड़ा था।

दो दिन तक थाने में रखने के बाद शनिवार को जेल भेजा गया। पति का कहना है कि वह जेल में पत्नी से मुलाकात करने गया।

तब पत्नी ने बताया कि थाने में सात-आठ पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार रात उससे सामूहिक दुष्कर्म किया।
विज्ञापन

बीए की छात्रा के साथ की शर्मनाक हरकत

बीते दिनों इलाहाबाद में भी ऐसा मामला सामने आया था। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर बीए की छात्रा ने रेप का आरोप लगाया था।

पीड़िता के मुताबिक, सोनभद्र में तैनात सिपाही ने उसे दो साल तक पत्नी की तरह घर में रखा और उसके बाद घर से बाहर निकाल दिया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया ‌था कि सिपाही ने शादी का झांसा देकर इन दो सालों तक उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने पुलिस महकमे पर सिपाही को बचाने का भी आरोप लगाया था।

पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद भी जब गिरफ्तारी नहीं की तो पीड़ित युवती ने आत्महत्या की धमकी दी थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें