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खुद पर हमले की साजिश में बेमौत मारा गया 22 लाख के कर्ज में डूबा कारोबारी, हड़बड़ाहट में हो गया कांड

Thu, 21 Jun 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मीडिया को पूरे मामले की जानकारी देते एसएसपी दीपक कुमार। - फोटो : amar ujala
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बीसी के खेल में 22 लाख के कर्ज में डूबे मोबाइल फोन व्यवसायी करन गुप्ता ने खुद पर हमले की साजिश रची थी। विश्वस्त नौकर के जरिये शूटर से कंधे पर गोली मारकर बैग लूटकर भागने की डेढ़ लाख में डील की। उसे पिस्टल खरीदने को 40 हजार रुपये भी दिए। ऐनवक्त नौसिखिया शूटर का निशाना चूकने से गोली सीने में जा लगी और करन खुद की रची साजिश में जान से हाथ धो बैठा।

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साजिश में शामिल एक युवक के मोबाइल फोन की वायस रिकार्डिंग से खेल उजागर हुआ। पुलिस ने नौकर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करके आलमबाग इलाके में रविवार देर रात हुए हत्याकांड का खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि आलमबाग क्षेत्र में रेलवे के कैरिज एंड वैगन वर्कशाप के पास करन गुप्ता (26) की गोली मारकर हत्या के मामले में इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व अन्य तरीकों से गहन पड़ताल करके बाजार खाला क्षेत्र के करेहटा ऐशबाग निवासी कल्लू उर्फ प्रियांशु शर्मा, अजय लोधी, मोतीझील कॉलोनी के अभिषेक गौतम और पांडेय का तालाब मालवीयनगर निवासी आशीष भारतीय उर्फ शुभम को गिरफ्तार किया गया है।

उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल .32 बोर की पिस्टल, बाइक, करन गुप्ता का आधार कार्ड, बैग व 8,260 रुपये बरामद किए गए हैं। करन के मोबाइल के कॉल डिटेल के आधार पर आशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो एक के बाद एक राज खुलने लगे। करन से मोबाइल फोन पर वार्तालाप की वायस रिकॉर्डिंग से पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। विश्वस्त नौकर कल्लू ने भांडा फूटते देख सारी कहानी कुबूल ली।

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इस तरह रची वारदात की साजिश

बरामद हुआ तमंचा और बैग। - फोटो : amar ujala
अपर पुलिस अधीक्षक नगर (पूर्वी) सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि नाका इलाके में आरके इंटरप्राइजेज नाम से मोबाइल फोन की दुकान खोले करन गुप्ता द्वारा बीसी भी चलाई जाती थी। इसमें अनेक व्यापारियों ने मोटी रकम लगा रखी थी। करन पर 20-22 लाख रुपये बकाया था। इस रकम को हड़पने के इरादे से करन गुप्ता ने विश्वस्त नौकर कल्लू के साथ मिलकर खुद पर हमले के साथ लूट की साजिश रची।

कल्लू ने ऐशबाग इलाके में रहने वाले आशीष भारतीय, अभिषेक गौतम और अजय कुमार लोधी के साथ मिलकर योजना तैयार कराई। करन से 40 हजार रुपये लेकर आशीष ने पिस्टल व कारतूस का इंतजाम किया। करन ने चारों लोगों के साथ बैठकर वारदात अंजाम देने का खाका तैयार किया। कहा कि रविवार देर रात स्कूटी से घर लौटेगा। कैरिज एवं वैगन वर्कशाप के पास सुनसान स्थान पर आशीष, अभिषेक और अजय उसे रोकेंगे। अजय कंधे पर गोली मारेगा। इसके बाद आशीष की मदद से बैग लूटकर अभिषेक गौतम के साथ बाइक से फरार हो जाएंगे।

हमले के साथ लाखों की लूट की प्राथमिकी की तैयारी
चारों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी आलमबाग संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि करन गुप्ता ने तीनों हमलावरों के फरार होने के बाद शोर मचाकर किसी राहगीर की मदद से पुलिस को कातिलाना हमले और लाखों रुपये से भरा बैग लूटे जाने की सूचना देने की साजिश रची थी। उसका मानना था कि गोली लगने की वजह से पुलिस व व्यापारी उसके साथ लूट की वारदात का यकीन कर लेते और रकम लौटाने का दबाव खत्म हो जाता।

डेढ़ लाख के लालच में गोली मारने को हो गया तैयार

- फोटो : amar ujala
हत्थे चढ़े अजय कुमार लोधी ने बताया कि डेढ़ लाख रुपयों के लालच में वह करन को गोली मारने पर राजी हो गया था। पता था कि करन उसके खिलाफ बयान नहीं देगा। पहले तय हुआ कि हाथ या पैर पर गोली मारकर बैग लूटा जाएगा, लेकिन करन ने उसे बाएं कंधे पर गोली मारने का सुझाव दिया। कहा था कि हमला बनावटी नजर न आए। फायर करने के दौरान हड़बड़ा गया था। कंधे को निशाना बनाया लेकिन ट्रिगर दबाने के दौरान पिस्टल की नाल नीचे हो गई और गोली करन के सीने में जा लगी। वह स्कूटी समेत गिर गया। उसे साजिश का हिस्सा समझ कर बैग लूटा और भाग निकले। करन ने सोमवार शाम कल्लू के जरिये डेढ़ लाख रुपये देने का वादा किया था। पता चला कि सीने पर गोली लगने के कारण उसकी मौत हो गई है।

पुलिस के हाथ लगे पुख्ता सुबूत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि करन गुप्ता के भाई व नौकरों ने दुकान बंद करने के बाद किसी का फोन आने का बयान दिया था। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर (पूर्वी) की सर्विलांस सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष द्विवेदी व आरक्षी आशीष मिश्रा ने करन के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल खंगाला। पता चला कि आशीष भारतीय से उसकी बात हुई थी।

आशीष के मोबाइल के कॉल डिटेल की छानबीन में नौकर कल्लू व अजय और अभिषेक से बातचीत उजागर हुई। इन चारों के कॉल डिटेल खंगालने के साथ वारदात के वक्त लोकेशन चेक किया गया। वायस रिकॉर्डिंग हाथ लगते ही तस्वीर साफ होने लगी।
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तफ्तीश में सच सामने आने पर नामजद कारोबारी को दी क्लीन चिट

- फोटो : amar ujala
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि करन गुप्ता के भाई अर्जुन गुप्ता ने पारा क्षेत्र में मोबाइल फोन का व्यवसाय करने वाले रामकुमार गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हत्या के पीछे लेनदेन का झगड़ा बताया था। तफ्तीश में सच उजागर करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। नामजदगी गलत साबित हुई और रामकुमार को क्लीनचिट दी गई है।

पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम
ब्लाइंड मर्डर के तीसरे दिन पुख्ता सुबूतों के साथ खुलासा और वारदात में शामिल चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नगद इनाम और अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र व क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की है।

पुलिस टीम में आलमबाग के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक रणविजय प्रताप सिंह, नीरज द्विवेदी, रमेश चंद्र वाजपेयी, आरक्षी ऋषि देव और अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी की सर्विलांस सेल प्रभारी आशीष द्विवेदी व आरक्षी आशीष मिश्रा शामिल थे।
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