भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से चौबीस घंटे पहले अराजक तत्वों ने इंदिरानगर के एक मकान में कूरिअर से बम का पैकेट भेजकर सनसनी फैलाने की कोशिश की।
पैकेट मकान में किराये पर रहने वाले फैजाबाद के निशांत कुमार वर्मा के नाम से भेजा गया था। सूचना पाकर एटीएस की टीम और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉयड मौके पर पहुंचा।
मकान के सामने स्थित तुलसी पार्क में बम के हिस्सों को अलग करके उसे डिफ्यूज किया गया। निशांत और उसके साथ रहने वाले राहुल को इंदिरानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
देर शाम दोनों के परिवारीजनों को बुलाकर उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया गया। राहुल की तरफ से दो अज्ञात लोगों के खिलाफ सनसनी फैलाने की साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पैकेट में बम देखकर होश उड़े
इंदिरानगर इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि निशांत और राहुल करीब तीन महीने से इंदिरानगर स्थित राजेंद्र सिंह की पत्नी प्रीति सिंह के मकान के फर्स्ट फ्लोर पर किराये पर रहे हैं।
निशांत एक फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है जबकि राहुल एक पत्रिका के लिए विज्ञापन का काम करता है। दोनों होली की छुट्टी में घर गए थे और शुक्रवार को लौटकर आए।
शनिवार सुबह राहुल ने निशांत को उसके नाम से कूरिअर से एक पैकेट आने की जानकारी दी। निशांत ने पैकेट खोलकर देखा तो होश उड़ गए।
भीतर लाल रंग के प्लास्टिक के टिफिन बॉक्स में बिजली के तारों का एक सर्किट जैसा बना था और जेल व बारूद से भरी पांच छोटी-छोटी पॉलिथीन इस सर्किट से अलग-अलग जुड़ी हुई थीं। पैकेट में बम की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया।
बारुद से अलग कर नष्ट कर दिए गए बम
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राहुल ने अपने एटीएस में तैनात अपने साथी सिपाही को फोन कर इसकी सूचना दी। सुबह करीब 11 बजे एटीएस के एएसपी राजेश साहनी, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉयड और इंदिरानगर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पैकेट को सामने स्थित पार्क में लाकर खोला गया और सावधानी से तारों को बारूद से अलग करके बम नष्ट कर दिए गए।