संकट के इस समय में ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ ऑक्सीजन प्लांट मालिक को ही ब्लैक में लिक्विड ऑक्सीजन दी जा रही है। 2500 सिलेंडरों की क्षमता वाले आरके ऑक्सीजन प्लांट के मालिक राजेश जायसवाल ने इसकी शिकायत की है।
जायसवाल के मुताबिक दो मई को उन्होंने लिंडे कंपनी से निजी खर्च पर लिक्विड ऑक्सीजन के टैंकर मंगवाए थे। तब 12,497 क्यूबिक मीटर मेडिकल ऑक्सीजन 15.22 रुपये की दर से 2,13,030.56 रुपये में मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ये टैंकर जिला प्रशासन के अधिकारी ने जबरन ले लिए थे। इसके बाद उन्होंने राज ट्रेडिंग कंपनी से 9 मई को 10 हजार क्यूबिक मीटर लिक्विड ऑक्सीजन मंगाई। इसका 35 रुपये की दर से 5,20,415 रुपये का बिल भेजा गया।
इसके अलावा उन्होंने नादरगंज स्थित मुरारी गैसेज प्राइवेट लिमिटेड से जो लिक्विड ऑक्सीजन मंगाई, उसका 36.50 पैसे की दर से कुल 03,49,087 रुपये का बिल भेजा गया है। इससे जाहिर है कि सरेआम कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने कहा कि जब इतनी महंगी लिक्विड ऑक्सीजन मिलेगी तो आम लोगों को ऊंचे दाम पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध होगा। राजेश जायसवाल ने डीएम से इसकी शिकायत की है।
मामले की जांच होगी
लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि प्रकरण की गंभीरता से जांच कर तय शुल्क से ज्यादा वसूलने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।