वजीरगंज क्षेत्र में रविवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने भीड़भाड़ इलाके में किराना कारोबारी के मुनीम के तमंचा सटाकर रुपये से भरा बैग लूट लिया।
शोर मचाने पर राहगीरों ने बदमाशों का पीछा किया, मगर वे भाग निकले। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी के लिए चेकिंग कराई, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
पीड़ित ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है।
वजीरगंज क्षेत्र के सुभाष मार्ग पर मुज्जमिल की किराने की दुकान है।
नहीं लगा कोई सुराग
तीन साल से बुद्धेश्वर निवासी अमर सिंह दुकान में मुनीम है। देर शाम वह डालीगंज में व्यापारियों से तागादे के डेढ़ लाख रुपये लेकर बाइक से दुकान लौट रहा था।
ट्रॉमा सेंटर मार्ग स्थित गौतमबुद्ध छात्रावास के पास बाइक सवार बदमाशों ने उसे ओवरटेक करके रोका और तमंचे के बल पर उससे रुपयों से भरा बैग छीन लिया।
शोर मचाने पर उसे गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश रकम लेकर क्वीन मेरी अस्पताल की ओर भाग निकले।
मुनीम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। घटना की जानकारी मिलते एसपी पश्चिमी अजय समेत तमाम पुलिस अफसरों ने पड़ताल की।
पीड़ित ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। कोतवाली प्रभारी अभिनव सिंह पुंडीर ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
वारदात के पीछे हो सकता है कोई करीबी
पुलिस को घटना में किसी करीबी के शामिल होने का शक है। पुलिस ने कारोबारी की दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है।
पुलिस का कहना है कि बिना करीबी के शामिल होने के बदमाश घटना को आसानी से अंजाम नहीं दे पाते थे। सटीक मुखबरी पर बदमाशों ने वारदात की है।
बदमाशों को पता था कि मुनीम अकेले व्यापारियों से तगादा वसूलने जाता था। पुलिस ने हाल ही में काम छोड़ने वाले व नए कर्मचारी के जुड़ने की जानकारी मालिक से मांगी है।
हुलिए से बदमाशों की तलाश इंस्पेक्टर अभिनव सिंह पुंडीर ने संदेह जताया कि लुटेरे डालीगंज से तगादा की रकम लेते देखा हो और वहीं से मुनीम के पीछे लग गए।
तैयार कराया स्कैच, तलाश जारी
पुलिस ने मुनीम से पूछताछ के आधार पर बदमाशों का हुलिया तैयार कराया है। इसी आधार पर बदमाशों की तलाश कराई जा रही है। पुलिस टीमें आसपास के जिलों में भी बदमाशों को तलाशने में जुट गई हैं।
पुलिस की एक टीम जेल में बंद बदमाशों से सुरागकसी में जुटी है। साथ ही मुनीम को एक दर्जन बदमाशों की फोटो दिखाकर तस्दीक कराई जा रही है।
एक बार फिर लूट की वारदात का दारोमदार सर्विलांस पर टिक गया है। पुलिस अफसर सर्विलांस के जरिए सफलता मिलने का दावा कर रहे हैं।
उनका कहना है कि वारदात के वक्त नजदीकी टावरों से 100 मीटर के दायरे में मौजूद सभी मोबाइल धारकों की सूची तैयार कर रही है।
पुलिस की बहन बनी जुर्म का शिकार
पुलिस अधिकारी की बहन से विकासनगर में बदमाशों ने तमंचे के बल पर जेवर लूट लिए और आसानी से भाग निकले। वहीं, पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही।
देर रात तक पुलिसकर्मी पीड़ित महिला से तहरीर बदलवाने का दबाव डालते रहे। यह हाल तब है जब पीड़ित महिला बड़े मार्बल व्यापारी पत्नी होने के साथ एसओ विकासनगर की भी रिश्तेदार है।
विकासनगर के सेक्टर-13 निवासी मार्बल व्यवसायी मिथलेश कुमार की पत्नी रेनू सिंह रविवार दोपहर में घर के करीब ही सब्जी खरीदने गईं थीं।
इसी दौरान काली पल्सर बाइक सवार दो लुटेरों ने तमंचे के बल पर उनका मंगलसूत्र और सोने की चेन लूट ली। रेनू के विरोध करने पर बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी और असलहा लहराते हुए आसानी भाग निकले।
देर शाम तक पुलिस ने नहीं दिया रेस्पांस
इसके बाद रेनू सिंह ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर पुलिस कर्मियों को सौंप दी। देर शाम तक जब पुलिस कर्मियों की तरफ से कोई रेस्पांस नहीं मिला तो मिथलेश एफआईआर की कॉपी लेने थाने पहुंचे।
वहां पुलिस कर्मी उनसे तहरीर बदलवाने का दबाव डालने लगे। पुलिस कर्मियों ने कहा कि एफआईआर में सोने की मात्रा अधिक लिखी होगी तो बरामदगी के बाद कोर्ट से मिलने में दिक्कत होगी।
इस पर मिथलेश भड़क गए और मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कहकर घर चले आए। इसके बाद उन्होंने एसओ विकासनगर से इसकी शिकायत की।
बाद में पुलिसकर्मियों ने फोन कर उन्हें सुबह थाने से एफआईआर की कॉपी ले जाने की बात कही।