सरोजनीनगर के सेक्टर एफ निवासी दरोगा नरेंद्र बहादुर सिंह के एकलौते बेटे व देहरादून में बीबीए फर्स्ट इयर के छात्र अभिषेक सिंह (19) को दबंगों ने डंडे और रॉड से पीट-पीटकर लहूलुहान करने के बाद आलमबाग बस अड्डे पर फेंक दिया।
अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई थी।
अभिषेक की मौत को हादसा समझकर परिवारीजनों ने शव दफना भी दिया। बीते दिनों छात्र के दोस्तों और परिचितों में चर्चा के बाद परिवारीजनों ने पड़ताल शुरू की तो कुछ और ही कहानी सामने आई।
पता चला कि मामूली झगड़े के बाद आठ-दस लड़कों ने अभिषेक को बेरहमी से पीटा और कार में लादकर बस अड्डे के सामने फेंककर भाग गए। रविवार को हरदोई कोतवाली में तैनात अभिषेक के पिता ने कृष्णानगर कोतवाली में आरोपी सैफ रजा व आठ-दस अज्ञात लड़कों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
सैफ संडीला से बीए की प्राइवेट पढ़ाई कर रहा है। फिलहाल वह घर से भागा हुआ है। पूछताछ के लिए पुलिस ने उसके कई करीबियों को हिरासत में लिया है।
दोस्तों से पता चली हकीकत
नये साल में दोस्तों के साथ निकले अभिषेक के साथ हुई दरिंदगी को दोस्तों ने बयां किया तो परिवारीजनों के होश उड़ गए।
दोस्तों ने बताया कि अभिषेक की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई बल्कि उसकी हत्या की गई है। पहले तो किसी को यकीन नहीं आया। घटनास्थल जाकर पड़ताल करने पर इसका खुलासा हुआ।
राजकुमार ने बताया कि आलमबाग कोतवाली के पास सैफ रजा का अभिषेक के कुछ साथियों से झगड़ा हो गया था। उस वक्त अभिषेक के दोस्त भारी पड़े और सैफ भाग गया। सैफ की मां ने आलमबाग कोतवाली में इस झगड़े की शिकायत भी की थी।
बाद में सैफ ने अपने साथियों को एकत्र किया और दो स्विफ्ट व एक वैगन आर कार से सभी मारपीट करने वाले लड़कों की तलाश करने लगे। कृष्णानगर के कमेटी हॉल मोड़ पर अभिषेक व उसके साथी अमन शर्मा, सात्विक यादव, सतेंद्र तिवारी सहित अन्य दोस्तों को पकड़कर सैफ व उसके साथियों ने बुरी तरह से पीटा।
बाकी साथी भाग गए लेकिन अभिषेक उनके शिकंजे में आ गया। उसे पीटने के बाद लहूलुहान हालत में कार से डालकर आलमबाग बस अड्डे पर फेंक गए।
कब्र से आज निकाला जाएगा शव
अभिषेक की मौत का राज जानने के लिए मंगलवार सुबह उसका शव कब्र से निकाला जाएगा। राजकुमार ने बताया कि बेटे का शव वीआईपी रोड स्थित एक कब्रिस्तान में दफानाया गया था।
उसके पिता की तरफ से शव निकलवाकर दोबारा परीक्षण कराने के लिए डीएम को प्रार्थनापत्र दिया गया था जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसीएम तृतीय को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राजकुमार ने बताया कि अभिषेक देहरादून के दून बिजनेस स्कूल से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। बीती 28 दिसंबर को वह छुट्टी पर घर आया था।
31 दिसंबर की रात करीब 11 बजे वह मुहल्ले में ही दोस्तों को नये साल की बधाई देने की बात कहकर पैदल ही घर से निकला था। रात करीब साढ़े तीन बजे पुलिस ने परिवारीजनों को फोन कर अभिषेक के घायल अवस्था में आलमबाग बस अड्डे के पास पड़ा होने की सूचना दी।
पुलिस ने जताई थी एक्सीडेंट की आशंका
पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह अभिषेक को ट्रॉमा सेंटर ले जा रहे हैं। परिवारीजन ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए वह उसे सहारा अस्पताल ले जाने लगे।
हालांकि, सहारा अस्पताल जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। उस वक्त पुलिसकर्मियों ने अभिषेक के हादसे का शिकार होने की आशंका जताई थी।
दरोगा राजकुमार का कहना है कि आरोपी सैफ गैंग बनाकर स्कूली छात्रों से वसूली करता है। उन्होंने बताया कि बीयर के शौक और गर्लफ्रेंड के खर्चे पूरे करने के लिए लड़कों का यह गैंग कृष्णानगर, आलमबाग और आशियाना इलाके के स्कूलों के आसपास सक्रिय रहता है।
गैंग के सदस्य छात्रों से रुपये व मोबाइल फोन छीन लेते हैं। विरोध करने पर उन्हें बेरहमी से पीटते हैं। राजकुमार ने बताया कि अभिषेक एलपीएस में पढ़ता था।
सैफ ने पहले भी कई बार उसे डरा-धमकाकर मारपीट की थी। इस बात की अभिषेक ने घर में शिकायत भी की थी। उन्होंने बताया कि सैफ के डर से ही अभिषेक पढ़ने के लिए बाहर चला गया था।